दक्षिण अफ्रीका : सबसे पुराने हिंदू मंदिर में धोखाधड़ी के आरोपों के बीच पूजा बंद होने का खतरा

दक्षिण अफ्रीका : सबसे पुराने हिंदू मंदिर में धोखाधड़ी के आरोपों के बीच पूजा बंद होने का खतरा

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  • Publish Date - January 18, 2026 / 09:47 PM IST,
    Updated On - January 18, 2026 / 09:47 PM IST

(फकीर हसन)

जोहानिसबर्ग, 18 जनवरी (भाषा) दक्षिण अफ्रीका के डरबन में स्थित 150 वर्ष से अधिक पुराने और राष्ट्रीय स्मारक के रूप में घोषित हिंदू मंदिर में प्रबंधन पर धोखाधड़ी के आरोप और पांच लाख रैंड से अधिक की लंबित देनदारी के कारण पूजा-अर्चना बंद होने का खतरा पैदा हो गया है।

मंदिर पदाधिकारियों द्वारा फॉरेंसिक ऑडिट शुरू करने की घोषणा किए जाने के बाद, दक्षिण अफ्रीकी हिंदू महा सभा (एसएएचएमएस) ने समुदाय से 151 साल पुराने उम्बिलो श्री अंबलावानार अलायम को बचाने का आह्वान किया, जिसकी स्थापना 1860 में भारत से अनुबंध पर डरबन आए मजदूरों द्वारा की गई थी।

रंगभेद काल की राष्ट्रीय स्मारक परिषद द्वारा 1980 में राष्ट्रीय धरोहर स्थल घोषित किए गए इस पूजा स्थल की दयनीय वित्तीय स्थिति पिछले सप्ताह मंदिर पदाधिकारियों द्वारा अपने फेसबुक पेज पर एक नोटिस पोस्ट किए जाने के बाद सामने आई, जिसमें किसी भी अधिकारी का नाम लिए बिना आरोप लगाए गए थे।

यह भी बताया जा रहा है कि दान और अन्य धनराशि को मंदिर के खाते में जमा करने के बजाय निजी बैंक खातों में स्थानांतरित किए जाने के आरोपों के बाद मंदिर के रखरखाव में भी कठिनाई हो रही है।

फेसबुक पोस्ट में कहा गया, ‘‘वास्तविक स्थिति यह है कि अलायम का वर्तमान में ईथेक्विनी नगर पालिका के लगभग पांच लाख रैंड का बकाया हैं, जो कि गैर-लाभकारी संगठन (एनपीओ) के भीतर खराब प्रबंधन और धन के कुप्रबंधन का परिणाम है।’’

इसमें कहा गया, ‘‘हमारा अलायम वित्तीय संकट में है और शायद यही कारण है कि निकट भविष्य में हमारे दीपक बुझ जाएंगे।’’ इसमें यह भी कहा गया कि मंदिर के कार्यकारी प्रबंधन ने फॉरेंसिक ऑडिट शुरू करने का फैसला किया है।

भाषा धीरज नेत्रपाल

नेत्रपाल