लंदन, छह फरवरी (एपी) ब्रिटेन के प्रधानमंत्री केअर स्टार्मर ने वैसे तो जेफरी एपस्टीन से कभी मुलाकात नहीं की, लेकिन उसके कई वैश्विक नेताओं एवं शख्सियतों से संबंधों का खुलासा होने के बाद अब इसकी आंच ब्रिटिश प्रधानमंत्री तक भी पहुंच रही है और उनकी कुर्सी खतरे में बताई जा रही है।
एपस्टीन के साथ मित्रता के कारण ब्रिटेन के शाही परिवार के सदस्य पूर्व प्रिंस एंड्रयू माउंटबेटन-विंडसर पहले ही सवालों के घेरे में आ गए हैं और वाशिंगटन में ब्रिटेन के राजदूत पीटर मैंडेलसन को पद से हटना पड़ा जिन्हें निवेशक एपस्टीन से उनके संबंधों के कारण स्टार्मर ने बर्खास्त कर दिया था।
अब नए खुलासों ने स्टार्मर की मध्यमार्गी-वामपंथी सरकार में उथल-पुथल मचा दी है।
प्रधानमंत्री स्टार्मर को अपनी सत्तारूढ़ लेबर पार्टी के भीतर से ही दबाव का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि उन्होंने 2024 में एपस्टीन से संबंधों के बावजूद अनुभवी लेबर नेता मैंडेलसन को वाशिंगटन में नियुक्त किया था। ये संबंध कितने घनिष्ठ थे उसका खुलासा हाल में जारी दस्तावेजों से हुआ है, जो ब्रिटेन में सुर्खियां बन चुकी हैं।
स्टार्मर ने बृहस्पतिवार को एपस्टीन के पीड़ितों से माफी मांगते हुए कहा कि मैंडेलसन ने बार-बार झूठ बोला और ‘‘एपस्टीन को ऐसे व्यक्ति के रूप में चित्रित किया जिसे वह ना के बराबर जानते थे।’’
स्टार्मर ने कहा, ‘‘मुझे खेद है, आपके साथ जो हुआ उसके लिए मुझे खेद है, मुझे खेद है कि इतने सारे प्रभावशाली लोगों ने आपको धोखा दिया। मुझे खेद है कि मैंने मैंडेलसन के झूठ पर विश्वास किया और उन्हें नियुक्त किया।’’
आलोचकों का मानना है कि यह एक ऐसी गलती है जिससे स्टार्मर की प्रधानमंत्री की कुर्सी खतरे में पड़ सकती है।
एपी सुरभि वैभव
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