अमेरिका: 9/11 हमलों की साजिश के मुख्य साजिशकर्ता के खिलाफ मुकदमा अब भी दूर की कौड़ी

अमेरिका: 9/11 हमलों की साजिश के मुख्य साजिशकर्ता के खिलाफ मुकदमा अब भी दूर की कौड़ी

अमेरिका: 9/11 हमलों की साजिश के मुख्य साजिशकर्ता के खिलाफ मुकदमा अब भी दूर की कौड़ी
Modified Date: September 11, 2026 / 12:48 pm IST
Published Date: September 11, 2026 12:48 pm IST

न्यूयॉर्क, 11 सितंबर (एपी) अमेरिका में 11 सितंबर 2001 को हुए आतंकवादी हमलों के कथित मुख्य साजिशकर्ता खालिद शेख मोहम्मद को ग्वांतानामो बे में हिरासत में लिए दो दशक हो चुके हैं, लेकिन उसके खिलाफ मुकदमा अब तक शुरू नहीं हो सका है।

एक न्यायाधीश ने मोहम्मद के खिलाफ सैन्य न्यायाधिकरण में मुकदमा शुरू करने के लिए हाल में 2028 की तारीख तय की है लेकिन कुछ वकीलों का कहना है कि यह मुकदमा शायद कभी शुरू ही न हो… न 2028 में और न ही किसी अन्य वर्ष में। उनका कहना है कि पाकिस्तान में 2003 में पकड़े जाने के बाद मोहम्मद को प्रताड़ित किए जाने से जो कानूनी पेचीदगियां पैदा हुईं, वे इतनी उलझ चुकी हैं कि उनका समाधान संभव नहीं दिखता।

न्यूयॉर्क शहर की एक दीवानी अदालत में उसके खिलाफ मुकदमा चलाने की एक अल्पकालिक कोशिश भी सुरक्षा संबंधी चिंताओं के कारण विरोध के बाद वर्षों पहले छोड़ दी गई थी।

मोहम्मद को मृत्युदंड से बचाकर आजीवन कारावास की सजा देने के लिए 2024 में एक समझौता किया गया था लेकिन घोषणा के कुछ ही समय बाद वह विवादों में घिर गया और पिछले वर्ष पूरी तरह रद्द हो गया।

मोहम्मद के लिए उचित कानूनी प्रतिनिधित्व सुनिश्चित कराने में भूमिका निभाने वाले वकील जोशुआ ड्रेटेल ने कहा, ‘‘राजनीति और प्रताड़ना के लिए किसी की जवाबदेही तय न होने के कारण यह पूरा मामला उलझ गया है।’’

अगस्त के अंत में अमेरिकी सैन्य न्यायाधीश ने मोहम्मद और 11 सितंबर के हमलों के मामले में तीन अन्य आरोपियों के खिलाफ मुकदमा पांच जून 2028 से शुरू करना तय किया। न्यायाधीश ने यह भी फैसला दिया कि अभियोजक 2007 में संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) के समक्ष मोहम्मद द्वारा कथित तौर पर दिए गए कबूलनामे का इस्तेमाल नहीं कर सकते।

अदालत ने माना कि यह कबूलनामा विश्वसनीय नहीं माना जा सकता क्योंकि विदेश में हिरासत के दौरान मोहम्मद से कठोर तरीकों से पूछताछ की गई थी जिससे उसके बयानों की विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं। इस दौरान ‘वॉटरबोर्डिंग’ का भी सहारा लिया गया जिसमें व्यक्ति को ऐसा महसूस कराया जाता है मानो उसे पानी में डुबोया जा रहा हो।

यह फैसला अभियोजन पक्ष के लिए झटका है लेकिन अमेरिका सरकार ने इसके खिलाफ अपील नहीं करने का निर्णय लिया। इसकी एक वजह यह भी थी कि अपील से मुकदमे में और देरी हो सकती थी।

मोहम्मद ग्वांतानामो बे में कैद है। उसे अन्य देशों के कारागारों में तीन साल से अधिक समय तक रखे जाने के बाद पांच सितंबर 2006 को वहां लाया गया था। अलकायदा के एक नेता के रूप में 9/11 हमलों की साजिश रचने के आरोपी मोहम्मद को 2003 में पाकिस्तान में पकड़ा गया था।

एपी सिम्मी मनीषा

मनीषा


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