वॉशिंगटन में भारतीय आमों का स्वाद चखने उमड़े हजारों लोग

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वॉशिंगटन में भारतीय आमों का स्वाद चखने उमड़े हजारों लोग

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  • Publish Date - June 28, 2026 / 01:37 PM IST,
    Updated On - June 28, 2026 / 01:37 PM IST

(सागर कुलकर्णी)

वॉशिंगटन, 28 जून (भाषा) अमेरिका के वॉशिंगटन स्थित ‘ड्यूपॉन्ट सर्कल’ में हजारों लोग भारतीय आमों की मिठास और लजीज बिरयानी का स्वाद लेने के लिए उमड़े।

भारतीय दूतावास ने शनिवार को यहां एक कार्यक्रम का आयोजन किया था जिसमें भारतीय मूल के अमेरिकी वर्जीनिया और मैरीलैंड से ड्यूपॉन्ट सर्कल पहुंचे। उन्होंने पुरानी यादें ताजा कीं और केसर, लंगड़ा एवं मालदा सहित विभिन्न किस्मों के रसीले आमों का स्वाद चखा।

अमेरिका में रहने वाली भारतीय मूल की दिशा ने केसर आम का लुत्फ उठाते हुए कहा, ‘‘मुझे याद है कि गर्मियों में मेरी दादी हमें आम खिलाया करती थीं। मैं बस भारतीय आमों का स्वाद लेने के लिए ही यहां आई हूं।’’

फुटबॉल विश्व कप देखने के लिए अमेरिका की यात्रा कर रहे एंड्रयू ने कहा, ‘‘मैंने पहले कभी इतना स्वादिष्ट आम नहीं खाया।’’

‘टेस्ट द ट्रॉपिकल मैजिक’ नामक यह कार्यक्रम पिछले कई वर्षों से वॉशिंगटन में गर्मियों के दौरान प्रतिवर्ष आयोजित किया जाता रहा है और इसका दायरा हर साल बढ़ता जा रहा है।

अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने कहा, ‘‘यहां केवल आम का की एक फांक या भारत की झलक ही नहीं, बल्कि भारत के विविध स्वाद उपलब्ध हैं।’’

दूतावास ने पिछले वर्ष केवल एक ‘स्टॉल’ लगाया था जिसमें भारी भीड़ उमड़ी थी। इसे देखते हुए शनिवार को कार्यक्रम का आयोजन पहले से कहीं बड़े स्तर पर किया गया।

आम के शौकीन लोग ‘ड्यूपॉन्ट सर्कल’ में लगाए गए पांच ‘स्टॉल’ पर कतारों में खड़े दिखाई दिए और वहां आम के अलावा लस्सी, स्वादिष्ट बिरयानी, आम हलवा तथा भारतीय चाय और कॉफी भी परोसी गई।

कार्यक्रम में शामिल होने के लिए 8,000 से अधिक लोगों ने पंजीकरण कराया था। करीब तीन घंटे बाद कार्यक्रम समाप्त होने तक लोगों की लंबी कतारें लगी रहीं।

क्वात्रा ने कहा कि कार्यक्रम को मिली प्रतिक्रिया को देखते हुए दूतावास भारतीय खाद्य पदार्थों के प्रचार से जुड़े कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने की योजना बना रहा है।

‘के बी एक्सपोर्ट्स’ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी कौशल खाखर ने कहा, ‘‘आम जल्दी खराब होने वाला फल है और हमने उसे बेहद कम समय में पहुंचाने की व्यवस्था की है।’’

कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष अभिषेक देव ने कहा कि अमेरिका को आम का निर्यात लगातार बढ़ रहा है।

देव ने कहा, ‘‘पिछले वर्ष हमने अमेरिका को 2,300 टन आम का निर्यात किया था। इस वर्ष हमने एक महीने पहले ही इस आंकड़े को पार कर लिया।’’

अमेरिका में भारतीय आमों की कहानी 2006 से शुरू हुई, जब अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश ने भारतीय आमों को अमेरिका भेजने का रास्ता साफ किया था।

भाषा सिम्मी रंजन

रंजन