पूजा स्थलों के चारों ओर 100 फुट का बफर जोन बनाने के लिए अमेरिकी संसद में विधेयक पेश

Ads

पूजा स्थलों के चारों ओर 100 फुट का बफर जोन बनाने के लिए अमेरिकी संसद में विधेयक पेश

  •  
  • Publish Date - April 28, 2026 / 03:42 PM IST,
    Updated On - April 28, 2026 / 03:42 PM IST

(सागर कुलकर्णी)

वाशिंगटन, 28 अप्रैल (भाषा) अमेरिकी संसद में एक द्विदलीय विधेयक पेश किया गया है जिसमें मंदिरों और गुरुद्वारों सहित पूजा स्थलों के आसपास 100 फुट का बफर जोन बनाने और ऐसे क्षेत्रों के भीतर किसी भी प्रकार के उत्पीड़न या धमकी को संघीय अपराध मानने का प्रावधान है।

न्यूयॉर्क से डेमोक्रेटिक सांसद टॉम सुओजी और ओहायो से रिपब्लिकन सांसद मैक्स मिलर ने धार्मिक सभाओं और धार्मिक प्रतिष्ठानों में व्यवधान से सुरक्षा (एसएसीआरईडी) अधिनियम से जुड़ा विधेयक पेश किया है।

इस विधेयक का उद्देश्य किसी पूजा स्थल के 100 फुट के दायरे में धार्मिक पूजा के अपने अधिकार का प्रयोग कर रहे लोगों को जानबूझकर डराना, बाधा डालना या परेशान करने को संघीय अपराध बनाना है, चाहे ऐसा उन्हें धमकाकर, उनका रास्ता रोककर या उत्पीड़न या डराने के उद्देश्य से उनके आठ फुट के दायरे में पहुंचकर ही क्यों न किया गया हो।

एसएसीआरईडी विधेयक को एंटी-डिफेमेशन लीग (एडीएल), अमेरिकन ज्यूइश कमेटी (एजेसी), यूनियन ऑफ ऑर्थोडॉक्स ज्यूइश कांग्रेगेशन्स ऑफ अमेरिका (ओयू), हदासाह, इस्लामिक सोसाइटी ऑफ नॉर्थ अमेरिका (आईएसएनए) का समर्थन प्राप्त है।

हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन (एचएएफ), ज्यूइश फेडरेशन्स ऑफ नॉर्थ अमेरिका (जेएफएनए), यूजेए-फेडरेशन ऑफ न्यूयॉर्क, होलोकॉस्ट मेमोरियल एंड टॉलरेंस सेंटर ऑफ नासाउ काउंटी (एचएमटीसी), अगुदथ इजराइल ऑफ अमेरिका और यूनाइटेड सिख्स ने भी इसका समर्थन किया है।

सांसद सुओजी ने कहा, “किसी को भी परेशान या डराया-धमकाया जाना नहीं चाहिए, खासकर जब वे अपने पूजा स्थल की ओर जा रहे हों।”

सुओजी ने एक बयान में कहा, “हम तेजी से अस्थिर होते जा रहे दौर में जी रहे हैं, जिसका एक कारण सोशल मीडिया द्वारा विभाजन की आग को भड़काना और दूसरा हमारे विदेशी शत्रुओं द्वारा हमें आंतरिक रूप से विभाजित करने का प्रयास है। पिछले कुछ वर्षों में मैंने अपने निर्वाचन क्षेत्र के लोगों से नफरत के बारे में वास्तविक भय सुना है, जिसे वे देखते और महसूस करते हैं, खासकर प्रार्थना करने जाते समय या धार्मिक गतिविधियों में भाग लेते समय।”

सुओजी ने कहा, “हमारी जिम्मेदारी है कि हम उस भय को विचारशील और लक्षित तरीके से दूर करें, जिससे हमारे मतदाताओं की रक्षा हो सके और साथ ही शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के प्रथम संशोधन अधिकार का भी संतुलन बना रहे।”

सांसद मिलर ने कहा, “प्रत्येक अमेरिकी को बिना किसी भय, धमकी या उत्पीड़न के अपने धर्म का पालन करने का अधिकार है।”

हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन में नीति और कार्यक्रम के प्रबंध निदेशक समीर कालरा ने कहा, “हिंदू अमेरिकी समुदाय एसएसीआरईडी विधेयक की शुरुआत का स्वागत करता है, इसे हमारे पूजा स्थलों की सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानता है। हाल के वर्षों में, हमने पूरे अमेरिका में हिंदू मंदिरों को निशाना बनाने और उन्हें अपवित्र करने की घटनाओं में चिंताजनक वृद्धि देखी है जिसने हमारे परिवारों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा की भावना को गहराई से झकझोर दिया है।”

भाषा प्रशांत नरेश

नरेश