US Iran Conflict/Photo Credit: AI
US Iran Conflict: भयंकर युद्ध के बीच अमेरिका और ईरान होर्मुज स्ट्रेट विवाद को सुलझाने पर सहमत हो गए हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि दोनों देश मंगलवार को दोहा में मिलेंगे और ‘होर्मुज स्ट्रेट’ को लेकर चल रहे विवाद को सुलझाने पर बातचीत करेंगे। उन्होंने बताया कि सभी तरह की सैन्य कार्रवाई रोकने का फ़ैसला किया गया।
एक और अधिकारी ने बताया कि दोनों पक्ष फिलहाल पीछे हटेंगे और जहाज़ बिना किसी रोक-टोक के आ-जा सकेंगे क्योंकि तकनीकी बातचीत जारी रहेगी। अमेरिकी अधिकारियों और मामले की जानकारी रखने वाले एक तीसरे सूत्र ने मंगलवार को होने वाली बैठक की पुष्टि की।
US Iran Conflict हमलों की शुरुआत तब हुई जब ईरान ने ओमान के तट के पास से जलडमरूमध्य (स्ट्रेट) को पार करने की कोशिश कर रहे एक जहाज पर हमला किया। तेहरान चाहता है कि जहाज उसके तट के साथ एक अलग रास्ते का इस्तेमाल करें। उसने जहाजों को उस दूसरे रास्ते का इस्तेमाल न करने की चेतावनी दी थी।
US Iran Conflict वॉल स्ट्रीट जर्नल के अनुसार, जून की शुरुआत में ट्रंप द्वारा साइन किए गए समझौते में होर्मुज स्ट्रेट को खोलने की ज़िम्मेदारी ईरान को सौंपी गई है। इसमें कहा गया है कि इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ़ ईरान कमर्शियल जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के लिए अपनी पूरी कोशिश करेगा और ईरान, क्षेत्र के अन्य देशों के साथ बातचीत करके, होर्मुज के प्रशासन और समुद्री सेवाओं के भविष्य के लिए नियम तय करेगा।
ईरान और अमेरिका के बीच हाल ही में हुए सीजफायर समझौते के बावजूद दोनों देशों ने कल एक-दूसरे के सैन्य ठिकानों पर हवाई फायर किए। अमेरिका की सेना ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर ईरान में 10 स्थानों पर हमले किए। जिसके बाद ईरान ने करारा पलटवार किया है। ईरान पर लगातार दूसरे दिन किए गए इन अमेरिकी हमलों के कारण युद्धविराम समझौता खतरे में पड़ गया है।
US Iran Conflict ‘यूएस सेंट्रल कमांड’ ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि एक मालवाहक पोत पर शनिवार तड़के हमले के बाद अमेरिकी सैन्य विमानों ने ‘‘ईरान के सैन्य निगरानी ढांचे, संचार प्रणालियों, हवाई रक्षा ठिकानों, ड्रोन भंडारण केंद्रों और बारूदी सुरंग बिछाने की क्षमताओं को निशाना बनाया।’’ उसने बाद में बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य और उसके आसपास के कई स्थानों पर ईरान के 10 सैन्य स्थलों पर हमले किए गए। फारस की खाड़ी में जारी हमलों से ईरान युद्ध के एक बार फिर नियंत्रण से बाहर होने का खतरा पैदा हो गया है। ईरान और अमेरिका ने युद्ध समाप्त करने के लिए अंतिम समझौते पर सहमति बनाने के उद्देश्य से अंतरिम समझौता किया था।
कल रविवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि अमेरिका ने ‘‘युद्धविराम समझौते का फिर से उल्लंघन किए जाने के जवाब में ईरान के मिसाइल एवं ड्रोन भंडारण केंद्रों और तटीय रडार स्थलों पर हमले (US-Iran Conflict) किए।’’ उन्होंने चेतावनी दी कि एक समय ऐसा आ सकता है, जब अमेरिका के लिए संयम बरतना संभव नहीं होगा और वह ‘‘सैन्य कार्रवाई के जरिये काम पूरा करने के लिए मजबूर हो जाएगा।’’ ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा, ‘‘अगर ऐसा हुआ तो इस्लामी गणराज्य ईरान का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा।’’
ईरान के एक ड्रोन (US-Iran Conflict) ने बृहस्पतिवार को ओमान के तट के पास एक मालवाहक पोत को निशाना बनाया था, जिसके जवाब में अमेरिकी सेना ने अगले दिन हमले किए थे। ‘यूएस सेंट्रल कमांड’ ने कहा कि ईरानी बलों ने हाल में ड्रोन से ‘किकू’ नामक तेल टैंकर पर हमला किया। टैंकर में 20 लाख बैरल से अधिक कच्चा तेल लदा था और वह होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहा था।
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