अमेरिकी विदेश विभाग ने जयशंकर की यात्रा के दौरान ‘मिशन संबंधी चुनौती’ का जिक्र किया

अमेरिकी विदेश विभाग ने जयशंकर की यात्रा के दौरान ‘मिशन संबंधी चुनौती’ का जिक्र किया

  •  
  • Publish Date - January 9, 2026 / 11:27 AM IST,
    Updated On - January 9, 2026 / 11:27 AM IST

(योषिता सिंह)

न्यूयॉर्क, नौ जनवरी (भाषा) अमेरिका के विदेश विभाग ने नवंबर में सरकार के ‘शटडाउन’ के बीच विदेश मंत्री एस. जयशंकर की अमेरिका यात्रा के दौरान आई एक ‘‘मिशन संबंधी चुनौती’’ को रेखांकित करते हुए कहा कि भारतीय मंत्री की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक ‘‘साहसिक वैकल्पिक योजना’’ लागू की गयी थी।

पर्यवेक्षक विशेष एजेंट गेब्रियल मैसियास द्वारा 30 दिसंबर 2025 को लिखे गए एक लेख में कहा गया है कि पिछले वर्ष अमेरिकी सरकार के शटडाउन के कारण जब हजारों वाणिज्यिक उड़ानें रद्द कर दी गई थीं, तब ‘डिप्लोमैटिक सिक्योरिटी सर्विस’ (डीएसएस) के गणमान्य व्यक्ति सुरक्षा प्रभाग, न्यूयॉर्क फील्ड ऑफिस और बफेलो रेजिडेंट ऑफिस के विशेष एजेंटों के सामने एक ‘‘मिशन संबंधी चुनौती’’ खड़ी हो गई थी।

‘शटडाउन’ का मतलब है कि अमेरिका की संघीय सरकार का आंशिक या पूर्ण रूप से कामकाज बंद हो जाना। यह स्थिति तब पैदा होती है जब अमेरिकी संसद (कांग्रेस) सरकार के खर्च चलाने के लिए समय पर बजट या अस्थायी व्यय विधेयक पारित नहीं कर पाती।

जयशंकर 11-12 नवंबर 2025 को कनाडा में जी7 विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के बाद न्यूयॉर्क पहुंचे थे, जहां उन्होंने संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस से द्विपक्षीय मुलाकात की थी।

लेख में कहा गया, ‘‘मिशन के सफल क्रियान्वयन से विदेश मंत्री का कूटनीतिक कार्यक्रम बिना किसी बाधा के पूरा हुआ और इससे अमेरिकी प्रशासन की ‘अमेरिका प्रथम’ नीति प्राथमिकताओं के अनुरूप रणनीतिक अमेरिकी विदेश नीति हितों को आगे बढ़ाया गया। यह नए डीएस नेतृत्व द्वारा रेखांकित मूल्यों : अनुशासित क्रियान्वयन, मिशन पर केंद्रित दृष्टिकोण, तकनीकी दक्षता और अमेरिकी कूटनीति के समर्थन में अडिग तत्परता को भी दर्शाता है।’’

बृहस्पतिवार को प्रकाशित लेख में कहा गया है कि न्यूयॉर्क यात्रा के दौरान सरकारी शटडाउन के कारण लगी पाबंदियों के बीच डीएसएस को तेजी से रणनीति बनानी पड़ी ताकि जयशंकर तय समय पर पहुंच सकें।

चूंकि शटडाउन के कारण देशभर में उड़ानें रद्द हो चुकी थीं और कूटनीतिक बैठकें तय थीं, इसलिए ‘‘डीएसएस ने एक साहसिक वैकल्पिक योजना’’ तैयार की। इसके तहत सात घंटे की सड़क यात्रा शामिल थी। इस योजना को लागू करने के लिए 27 एजेंटों को तैनात किया गया।

लेख में कहा गया कि सर्द मौसम, सीमित दृश्यता और शटडाउन से जुड़ी बाधाओं के बावजूद डीएसएस एजेंटों ने शांत पेशेवर रवैये और अडिग एकाग्रता के साथ मिशन को अंजाम दिया।

भाषा गोला मनीषा

मनीषा