लंदन। नोबेल पुरस्कार से सम्मानित भारतीय मूल के विख्यात लेखक वीएस नायपॉल का 85 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन की जानकारू उनके परिवार ने शनिवार को दी। नायपॉल की पत्नी ने कहा कि ‘उनकी सभी उपलब्धियां महान हैं और उन्होंने अपनी अंतिम सांस अपने प्रियजनों के बीच ली. उनका जीवन अद्भुत रचनात्मकताओं एवं प्रयासों से भरा था।
बता दें कि वीएस नायपॉल के नाम से जाने जाने वाले बुकर प्राइज से सम्मानित लेखक का पूरा नाम विद्याधर सूरजप्रसाद नायपॉल था। उन्हें 2001 में साहित्य के लिए नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। उनका जन्म 1932 में त्रिनिदाद में हुआ था। नायपॉल की पहली किताब ‘द मिस्टिक मैसर‘ 1951 में प्रकाशित हुई थी। जबकि ‘ए बेंड इन द रिवर‘ और ‘अ हाउस फॉर मिस्टर बिस्वास‘ उनकी दुनिया भर में प्रसिद्ध किताबें हैं।
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नायपॉल ने अपनी पढ़ाई इंग्लैंड में की और निवास के लिए इंग्लैंड को ही चुना। उन्होंने दुनिया कई पुस्तकें, यात्रा-वृतांत और निबंध लिखे हैं, जिनसे उन्हें ख्याति मिली और उनकी गिनती दुनिया के टॉप लेखकों में होती थी।
वेब डेस्क, IBC24