हमने असंवहनीय तरीके से औद्योगिक स्तर पर मछली पकड़ने का तटीय समुदायों पर प्रभाव का अध्ययन किया

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हमने असंवहनीय तरीके से औद्योगिक स्तर पर मछली पकड़ने का तटीय समुदायों पर प्रभाव का अध्ययन किया

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  • Publish Date - June 9, 2024 / 05:11 PM IST,
    Updated On - June 9, 2024 / 05:11 PM IST

(मिरेन गुतारेज, अन्वेषक, डेटा विश्लेषण, ओडीआई)

लंदन, नौ जून (द कन्वरसेशन) शार्क को पकड़कर उसके पंख काट लेने (शार्क फिनिंग) का चलन अपनी अमानवीय और असंवहनीय प्रकृति के कारण कई देशों में प्रतिबंधित है। पंख निकालने के बाद शार्क को छोड़ दिया जाता है और वह वापस समुद्र में चली जाती हैं और अक्सर जीवित रहती हैं।

‘शार्क फिनिंग’ शार्क से पंख निकालने और शार्क के बाकी हिस्सों को वापस समुद्र में फेंकने का कार्य है। कई देशों में यह कार्य प्रतिबंधित है।

इन पंखों का इस्तेमाल चीन और अन्य पूर्वी एशियाई देशों में ‘शार्क फिन सूप’ के लिए किया जाता है।

मैं पांच विकासशील देशों सेनेगल, घाना, पेरू, इक्वाडोर और फिलीपीन के जलक्षेत्र में संचालित मछली पकड़ने वाले औद्योगिक बेड़ों की पड़ताल कर रहा हूं, लेकिन ये बेड़े इन देशों से नहीं हैं।

वैश्विक मामलों के थिंक टैंक, ओडीआई द्वारा प्रकाशित एक नई रिपोर्ट को लेकर डेटा विश्लेषकों की मेरी टीम और मैंने इन देशों में स्थानीय अर्थव्यवस्था, नौकरियों और लोगों के कल्याण पर मछली पकड़ने वाले बड़े व्यवसायों के प्रभावों का अध्ययन किया, जिनका पिछला रिकॉर्ड अस्थिर रहा है।

यह ‘फिशी बिजनेस’ रिपोर्ट इसका अनुमान लगाने वाला पहला अध्ययन है और हमने पाया कि इन कंपनियों का पर्याप्त और नकारात्मक प्रभाव हो सकता है।

कुल मिलाकर, उनकी मछली पकड़ने की संयुक्त गतिविधियां इन देशों के संयुक्त सकल घरेलू उत्पाद के 0.26 प्रतिशत या मछली पकड़ने के क्षेत्र में 30,174 नौकरियों के बराबर हैं।

इसका मतलब यह हो सकता है कि इन पांच देशों में और 142,192 लोग गरीबी रेखा से नीचे रह रहे हैं, क्योंकि वे बेरोजगार हैं और उनके पास खाने के लिए मछली की कमी है तथा अन्य कारक हैं।

शार्क के पंखों का उच्च मूल्य और छोटा आकार अवैध रूप से उनके पंख काटने को बढ़ावा देता है, क्योंकि मछुआरे उन्हें आसानी से संग्रहीत कर सकते हैं और ले जा सकते हैं और शार्क के शेष हिस्से को समुद्र में फेंक दिया जाता है।

वर्ष 2016 में शार्क के व्यापार पर प्रतिबंध के बावजूद, पेरू शार्क के पंख के शीर्ष निर्यातकों में से एक है। वह दुनियाभर में प्रतिवर्ष लगभग 400 टन निर्यात करता है और वैश्विक पंख उत्पादन में लगभग दो प्रतिशत का योगदान देता है। हालांकि पेरू में 2022 में शार्क के पंख की तस्करी के लिए पहली दोषसिद्धि हुई थी।

हमारी जांच अमेरिकी वित्त विभाग की एक रिपोर्ट का संदर्भ देती है जिसमें बताया गया है कि कैसे 2019 में प्रशांत महासागर में 24 लोगों के चालक दल के साथ एक जहाज समुद्र में गया था।

हालांकि जहाज को ट्यूना मछली पकड़ने का लाइसेंस प्राप्त था, लेकिन यह अवैध रूप से शार्क के पंख काटने में लगा हुआ था तथा इसमें 700 किलोग्राम से अधिक पंख पकड़े गए थे, जिनमें लुप्तप्राय प्रजातियों के पंख भी शामिल हैं।

तमाम नियमों के उल्लंघनों के बावजूद, कंपनी को चीन से मछली पकड़ने के लिए प्रतिवर्ष 80 लाख अमेरिकी डॉलर की सब्सिडी प्राप्त होती थी।

इन जलक्षेत्रों में 657 जहाजों के स्वामित्व रखने वाली या संचालन करने वाली 19 कंपनियों को पहले भी गलत कार्यों में या विभिन्न असंवहनीय कार्यप्रणाली में संलिप्त पाया गया था।

रिपोर्ट में इन जलक्षेत्रों में काम करने वाले घरेलू और विदेशी बेड़े के वास्तविक पैमाने पर प्रकाश डाला गया है। उदाहरण के लिए, हमारे मानचित्र विश्लेषण और उपग्रह डेटा से पता चला है कि इन पांच देशों के जलक्षेत्रों में सक्रिय सबसे बड़े बेड़े उनके अपने घरेलू बेड़े नहीं हैं। इनमें इक्वाडोर के 493 जहाज, चीन के 191, पेरू के 189, स्पेन के 126, जापान के 84, पनामा के 68 और ताइवान के 64 जहाज शामिल हैं।

सेनेगल के 57 जहाज, घाना के 33 और फिलीपीन के 25 पोत हैं।

हमारे विश्लेषण से पता चला है कि इन विकासशील देशों के घरेलू बेड़ों में मछली पकड़ने वाले बड़े देशों के जहाज शामिल हैं, जिन्होंने अपने झंडे को बदल लिया है ताकि यह दावा किया जा सके कि वे स्थानीय बंदरगाह से हैं।

कुल 192 जहाज चीनी हितों से जुड़े मिले, लेकिन उन पर अन्य देशों के झंडे लगे थे।

(द कन्वरसेशन) नोमान देवेंद्र

देवेंद्र