यमन के हूती विद्रोहियों ने अचानक हमला कर संरा के 11 कर्मचारियों व अन्य को बंधक बनाया : अधिकारी
यमन के हूती विद्रोहियों ने अचानक हमला कर संरा के 11 कर्मचारियों व अन्य को बंधक बनाया : अधिकारी
दुबई, सात जून (एपी) बढ़ते वित्तीय दबाव और अमेरिका के नेतृत्व वाले गठबंधन से हवाई हमलों का सामना कर रहे हूती विद्रोहियों ने संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों के 11 यमनी कर्मचारियों को बंधक बना लिया। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि सहायता समूहों के लिए काम करने वाले अन्य लोगों को भी बंधक बनाए जाने की आशंका है।
ये घटना ऐसे समय हुई है जब हूती विद्रोहियों ने लगभग एक दशक पहले यमन की राजधानी पर कब्जा कर लिया था और उसके बाद से ही सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के साथ लड़ रहे हैं। हूती विद्रोहियों ने गाजा पट्टी में इजराइल-हमास युद्ध को लेकर लाल सागर गलियारे में जहाजों को निशाना बनाया है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अधिक ध्यान आकर्षित करने के साथ-साथ इस गुप्त समूह ने घरेलू स्तर पर असहमति के खिलाफ भी कार्रवाई की है, जिसमें हाल में 44 लोगों को मौत की सजा सुनाना भी शामिल है।
क्षेत्रीय अधिकारियों ने नाम गुप्त रखने की शर्त पर ‘एसोसिएटेड प्रेस’ को संयुक्त राष्ट्र के कम से कम नौ कर्मचारियों को बंधक बनाए जाने की जानकारी दी थी।
अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार लोगों में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार एजेंसी, इसके विकास कार्यक्रम, विश्व खाद्य कार्यक्रम के कर्मचारी तथा इसके विशेष दूत के कार्यालय में काम करने वाला एक व्यक्ति शामिल है। बंधक बनाए एक कर्मचारी की पत्नी को भी विद्रोहियों ने पकड़ रखा है।
न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने शुक्रवार रात को बताया कि संयुक्त राष्ट्र के 11 कर्मचारियों को अगवा कर लिया गया है।
उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘‘हम इन घटनाक्रम से बहुत चिंतित हैं और हम हूती नेताओं से इस बारे में स्पष्टीकरण मांग रहे हैं कि इन कर्मचारियों को बंधक क्यों बनाया गया और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हम इन कर्मचारियों तक तत्काल पहुंच सुनिश्चित करना चाहते हैं। मैं आपको यह बता सकता हूं कि हम उन सभी की सुरक्षित और बिना शर्त रिहाई को शीघ्र अति शीघ्र सुनिश्चित करने के लिए सभी उपलब्ध माध्यमों का उपयोग कर रहे हैं।’’
‘माय्यून ऑर्गनाइजेशन फॉर ह्यूमन राइट्स’ ने बंधक बनाए गए संयुक्त राष्ट्र कर्मचारियों की पहचान की है और उन अन्य सहायता समूहों के नाम भी बताए हैं जिनके कर्मचारियों को हूतियों द्वारा उनके नियंत्रण वाले चार प्रांतों- अमरान, होदेदा, सादा और सना में बंधक बनाया गया है। इन समूहों ने अपने कर्मचारियों को बंधक बनाए जाने पर तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की है।
इन समूहों में से एक ‘सेव द चिल्ड्रेन’ ने हालांकि ‘एसोसिएटेड प्रेस’ (एपी) को बताया, ‘‘हम यमन में अपने एक स्टाफ सदस्य को लेकर चिंतित हैं और उसकी सुरक्षा और कुशल क्षेम सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।” संगठन ने और कुछ कहने से इनकार कर दिया।
यमन के हूती विद्रोहियों और उनके संबद्ध मीडिया संगठनों ने संयुक्त राष्ट्र कर्मचारियों को बंधक बनाने को तत्काल स्वीकार नहीं किया है। हालांकि, ईरान समर्थित विद्रोहियों ने शुक्रवार को लाल सागर के बंदरगाह शहर होदेदा के आसपास अमेरिका के नेतृत्व में नए हवाई हमलों की सूचना दी। हूती नियंत्रित एसएबीए समाचार एजेंसी ने कहा कि कई हमले होदेदा हवाई अड्डे पर हुए, जहां विद्रोहियों ने पहले भी क्षेत्र में पोत परिहवन को निशाना बनाकर हमले किए थे।
यह फिलहाल स्पष्ट नहीं है कि विद्रोहियों ने किस वजह से कर्मचारियों को बंधक बनाया।
‘ब्लूमबर्ग’ ने बृहस्पतिवार को अलग से खबर दी कि अमेरिका ने हूतियों पर आर्थिक दबाव बढ़ाने की योजना बनाई है और इसके लिए वह उनके राजस्व स्रोतों को अवरुद्ध करेगा, जिसमें विद्रोहियों के कब्जे वाले क्षेत्र में सरकारी कर्मचारियों के वेतन के लिए 1.5 अरब अमेरिकी डॉलर की सऊदी भुगतान की योजना भी शामिल है।
भाषा सिम्मी जितेंद्र
जितेंद्र

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