Cold Wave in Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में 1902 में पड़ी थी इतनी ठंड, दुर्ग-भिलाई सहित इन शहरों में अगले दो दिन के भीतर चलेगी शीतलहर / Image : IBC24 Customized
CG Weather Latest Update: रायपुर। छत्तीसगढ़ में पहाड़ों से आ रही बर्फीली हवाओं ने ठिठुरन के साथ कोहरे को और भी तेज कर दिया है। पिछले 24 घंटे में मिनिमम ट्रेम्प्रेचर में 2-3 डिग्री गिरावट दर्ज की गई है। सबसे कम तापमान बलरामपुर में 6.3 डिग्री दर्ज किया गया। हालांकि, राजधानी रायपुर में आज आसमान साफ रहेगा। वहीं, रात के तापमान 12 डिग्री तक रहने की संभावना है। IMD की माने तो पूरे प्रदेश में अगले तीन से चार दिनों तक यही स्थिती रहेगी।
स्कूलों के समय में बदलाव
कड़ाके की ठंड के चलते सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में स्कूलों के समय में भी बदलाव किया गया है। प्राइमरी और मिडिल स्कूल सुबह 8.30 बजे से, एक पाली वाले स्कूल सुबह 10 बजे से, और दो पाली वाले हाई और हायर सेकेंडरी स्कूल दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक चलेंगे।
एमपी के 15 जिलों में शीतलहर का दौर जारी
मध्प्रदेश की बात करें तो 15 जिलों में शीतलहर का दौर जारी है। पचमढ़ी में तापमान 1 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया है। रायसेन, शहडोल, शाजापुर, और शिवपुरी के कई हिस्सों में तापमान 5 डिग्री से नीचे लुढ़क गया है। वहीं, राजधानी भोपाल में पिछले दो सालों का रिकॉर्ड टूट गया है। बता दें कि, दिसंबर महीने में पारा 6.9 डिग्री पहुंचा है। भोपाल, राजगढ़, धार, खंडवा, शाजापुर, शहडोल, जबलपुर, सिवनी, सागर, गुना, टीकमगढ़, रायसेन, सीहोर, बड़वानी और निवाड़ी में शीतलहर का प्रकोप देखने को मिल रहा है। नर्मदापुरम, शिवपुरी,शाजापुर और शहडोल इन चारों जिलों में पाला का असर दिख रहा है। बता दें कि, अभी 4 से 5 दिनों तक प्रदेशभर में शीतलहर का दौर जारी रहेगा।
छत्तीसगढ़ में वर्तमान न्यूनतम तापमान हाल ही में 2-3 डिग्री की गिरावट के साथ औसतन 10-15 डिग्री सेल्सियस के बीच है।
छत्तीसगढ़ में तापमान में गिरावट का कारण उत्तर से आने वाली ठंडी हवाएँ और बदलते मौसम की स्थिति है।
छत्तीसगढ़ में सर्दियों का पीक समय दिसंबर के मध्य से जनवरी के अंत तक होता है।
छत्तीसगढ़ के मौसम की नवीनतम जानकारी के लिए आप स्थानीय समाचार चैनलों, मौसम विभाग की वेबसाइट, या मोबाइल एप्लिकेशन का उपयोग कर सकते हैं।
हाँ, कभी-कभी छत्तीसगढ़ में सर्दी के मौसम में हल्की बारिश या ओस गिरने की संभावना होती है, विशेष रूप से पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण।