Reported By: Niharika sharma
,MP Weather Today | Photo Credit: IBC24
इंदौर: MP Weather Today मार्च का महीना इस बार लोगों के लिए काफी मुश्किल भरा रहा। पूरे महीने भीषण गर्मी ने लोगों को बेहाल कर दिया। वहीं आज से अप्रैल का महीना शुरू हो चुका है। दूसरी ओर देश के कई हिस्सों में अभी भी गर्मी का दौर देखने को मिल रहा है। तो वहीं कई हिस्सों के मौसम में बदलाव देखने को मिला है। बात करें मध्यप्रदेश की तो यहां मौसम का मिजाज बदला हुआ है। मौसम विभाग ने यहां 24 घंटों में बारिश की संभावना जताई है।
MP Weather Today दरअसल, मध्यप्रदेश में बारिश का स्ट्रॉंग सिस्टम ऐक्टिव हो गया है। जिसके चलते प्रदेश के कई जिलों में बारिश की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में इंदौर में बारिश की संभावना जताई है। साथ ही धार, बड़वानी, झाबुआ में में ओल गिरने का अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा मालवा निनाद के नीमच, मंदसौर, अलीराजपुर, धार, झाबुआ, बड़वानी, आगर मालवा, खंडवा, खरगोन, देवास, शाजापुर में भी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
आपको बता दें कि 1 अप्रैल को मैहर में चिलचिलाती गर्मी के बीच अचानक मौसम ने करवट ली। तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ जोरदार बारिश हुई है। आंधी के चलते कई इलाकों में धूलभरी हवाएं चलीं, जिससे जनजीवन कुछ देर के लिए प्रभावित रहा। वहीं बारिश से तापमान में गिरावट आई और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक ऐसे ही बदलाव के संकेत दिए हैं वहीं हल्की बारिश से किसानों की चिंता बढ़ी है और नुकसान भी है।
वहीं हरदा में भी अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। यहां गुरुवार देर रात को अचानक मौसम ने करवट ली और तेज गरज-चमक के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। इस अचानक हुए बदलाव से किसानों पर मिला-जुला असर देखने को मिल रहा है। जहां एक ओर बारिश से तापमान में गिरावट आई और वातावरण ठंडा हुआ, वहीं दूसरी ओर खेत-खलिहानों में रखी फसलों पर ख़राब होने से किसानों को भारी नुकसान हुआ है। कई किसानों की कटी हुई फसल खलिहानों में ही पड़ी थी, जो बारिश में भीग गई। फसल भीगने से उसकी गुणवत्ता ख़राब होने और सड़ने की आशंका बढ़ गई है।
खासकर गेहूं की फसल को नुकसान होने की संभावना जताई जा रही है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि यदि समय पर खरीदी शुरू हो जाती, तो उन्हें इस तरह के नुकसान का सामना नहीं करना पड़ता। वहीं, इस बारिश को ग्रीष्मकालीन फसल मूंग के लिए लाभकारी माना जा रहा है। बारिश से खेतों में नमी बढ़ेगी। जिससे फसल अच्छी होंगी और सिंचाई की आवश्यकता भी कम होगी। किसानों ने प्रशासन से जल्द गेहूं खरीदी शुरू करने की मांग की है, ताकि उन्हें और अधिक नुकसान से बचाया जा सके।