(तस्वीरों के साथ)
पटना, 30 जुलाई (भाषा) बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में बृहस्पतिवार को 35 प्रतिशत से भी कम मतदान दर्ज किया गया। इस सीट पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के दशकों पुराने वर्चस्व को चुनौती देने वाले प्रशांत किशोर का मैदान में उतरना भी मतदाताओं को बड़ी संख्या में मतदान केंद्रों तक लाने में सफल नहीं रहा।
निर्वाचन आयोग के अनुसार, उपचुनाव में कुल 34.30 प्रतिशत मतदान हुआ, जो पिछले वर्ष नवंबर में हुए विधानसभा चुनाव के 41.45 प्रतिशत मतदान की तुलना में सात प्रतिशत से अधिक कम है। यह वर्ष 2020 के विधानसभा चुनाव से भी कम है, जबकि उस समय कोविड-19 महामारी का असर था।
मतदान के दिन राजनीतिक माहौल काफी गर्म रहा। चुनावी मैदान में पहली बार उतरे जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर और सीट बरकरार रखने की कोशिश कर रही भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता रहा।
दिन में प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि पुलिस ने सत्तारूढ़ दल के इशारे पर उनके समर्थकों को हिरासत में लिया, जबकि भाजपा ने उन पर ‘‘फर्जी मतदाताओं’’ को लाने का आरोप लगाया।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के इस्तीफे के कारण खाली हुई इस सीट पर हो रहे उपचुनाव में भाजपा, जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर और कांग्रेस समर्थित राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की रेखा गुप्ता के बीच मुकाबला माना जा रहा है। मतगणना तीन अगस्त को होगी।
सुबह मतदान करने वालों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सी. पी. ठाकुर, उनके पुत्र और नवादा से सांसद विवेक ठाकुर, उनके परिवार के अन्य सदस्य तथा बिहार सरकार के मंत्री रामकृपाल यादव प्रमुख रहे।
निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार, इस विधानसभा क्षेत्र के सभी 422 मतदान केंद्र शहरी क्षेत्रों में स्थित हैं।
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट साझा कर लोगों से बड़ी संख्या में मतदान करने की अपील की।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी ‘एक्स’ पर पोस्ट साझा करते हुए मतदाताओं से बड़ी संख्या में मतदान करने की अपील की और कहा कि वे विकसित भारत के संकल्प को मजबूत करने के लिए अपने मताधिकार का प्रयोग करें।
उन्होंने लिखा, ‘‘मैं बांकीपुर, मंझलपुर और दतिया विधानसभा क्षेत्रों के सभी मतदाताओं, विशेष रूप से युवाओं और महिलाओं से अपील करता हूं कि वे बड़ी संख्या में मतदान करें और विकसित भारत के संकल्प को सशक्त बनाने में अपना अमूल्य योगदान दें।’’
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने भी लोगों से घरों से निकलकर जल्द से जल्द मतदान करने तथा बांकीपुर के विकास के लिए अपने मताधिकार का प्रयोग करने की अपील की।
इस बीच, राज्य सरकार के मंत्री अशोक चौधरी ने सेंट पॉल्स स्कूल मतदान केंद्र पर अपनी पत्नी नीता केसर चौधरी के साथ मतदान करने के बाद कहा कि लोगों को ऐसे जनप्रतिनिधि चाहिए, जिनका उनसे सीधा जुड़ाव हो।
उन्होंने कहा, ‘‘नितिन नवीन का बांकीपुर की जनता से गहरा जुड़ाव रहा है। भाजपा उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा भी स्थानीय कार्यकर्ता हैं और लोगों से उनका सीधा संपर्क है।’’
भाजपा नेता एवं सांसद रविशंकर प्रसाद ने पटना विमेंस कॉलेज स्थित मतदान केंद्र पर अपनी पत्नी और पुत्र के साथ मतदान करने के बाद विश्वास जताया कि भाजपा उपचुनाव में निर्णायक जीत दर्ज करेगी।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं पिछले 20 वर्ष से इस क्षेत्र में मतदान कर रहा हूं। नीतीश कुमार और सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली राजग सरकारों तथा नितिन नवीन द्वारा कराए गए विकास कार्यों के कारण यहां के लोगों का भाजपा से पुराना जुड़ाव है। लोग चाहते हैं कि विकास की गति और तेज हो। भाजपा उम्मीदवार बांकीपुर से निर्णायक जीत की ओर बढ़ रहे हैं।’’
इस बीच, प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि उपचुनाव में भाजपा की मदद करने के लिए पुलिस ने जन सुराज के कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया है।
उन्होंने कहा, ‘‘बुधवार शाम से रात तक जन सुराज के 16 से अधिक कार्यकर्ताओं को बिना कारण बताए विभिन्न थानों में हिरासत में रखा गया और बाद में उन्हें दानापुर तथा फिर शाहपुर थाने ले जाया गया।’’
पटना के गोलघर के निकट एक मतदान केंद्र के बाहर प्रशांत किशोर की नगर पुलिस अधीक्षक (मध्य) ममता कल्याणी से बहस भी हुई। किशोर ने आरोप लगाया कि पुलिस जन सुराज के मतदान अभिकर्ताओं को हिरासत में ले रही है।
हालांकि, नगर पुलिस अधीक्षक ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा, ‘‘हर व्यक्ति को मतदान का अधिकार है। किसी को मतदान से नहीं रोका जा रहा है। हम लोगों से मतदान करने की अपील लगातार कर रहे हैं, लेकिन समूह बनाकर खड़ा होना चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन है।’’
पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार 48 घंटे की ‘मौन अवधि’ के दौरान निर्वाचन क्षेत्र नहीं छोड़ने वाले कुछ गैर-स्थानीय प्रचारकों को एहतियातन हिरासत में लिया गया।
बयान में कहा गया, ‘‘यह पाया गया कि कुछ अन्य जिलों के लोग बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में मौजूद थे और उनके चुनाव प्रचार में शामिल होने के संकेत मिले थे इसलिए निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुरूप एहतियातन हिरासत सहित आवश्यक कानूनी कार्रवाई की गई।’’
पुलिस ने हिरासत में लिए गए लोगों की पहचान उजागर नहीं की और न ही यह स्पष्ट किया कि वे जन सुराज के प्रचारक थे या नहीं।
प्रशांत किशोर ने दावा किया कि हिरासत में लिए गए जन सुराज के लगभग 10 कार्यकर्ता पटना जिले के निवासी हैं और बाहरी व्यक्ति नहीं हैं। उन्होंने बांकीपुर के मंदिरी नाला क्षेत्र में अपने एक समर्थक के परिजनों से भी मुलाकात की, जिनका आरोप है कि पुलिस उनके परिजन को बृहस्पतिवार तड़के करीब दो बजे अपने साथ ले गई।
पटना के जिलाधिकारी की ओर से जारी बयान के अनुसार, स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए आठ सुपर जोनल दंडाधिकारी, 16 जोनल दंडाधिकारी और 42 सेक्टर दंडाधिकारी तैनात किए गए हैं।
बयान में कहा गया कि संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। अधिकारियों को निर्वाचन आयोग के मोबाइल ऐप के माध्यम से क्यूआर कोड स्कैन कर संदिग्ध मतदाता पहचान पत्रों का सत्यापन करने तथा फर्जी पहचान पत्र पाए जाने पर प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं।
मतदान करने बिहार आए केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने भी प्रशांत किशोर के आरोपों को खारिज किया।
उन्होंने कहा, ‘‘लोकतंत्र में सभी को अपनी इच्छा के अनुसार कार्य करने की स्वतंत्रता है और बिहार में कानून का राज है। किसी भी दल के कार्यकर्ताओं को बेवजह क्यों हिरासत में लिया जाएगा? प्रशांत किशोर को तथ्यों के आधार पर बात करनी चाहिए।’’
भाजपा के लिए 1995 से अजेय रही इस सीट पर, जिसे पहले पटना पश्चिम के नाम से जाना जाता था, प्रशांत किशोर भाजपा के सामने प्रमुख चुनौती बनकर उभरे हैं। हालांकि, इस उपचुनाव में राजद की रेखा गुप्ता सहित कुल 26 उम्मीदवार मैदान में हैं। रेखा गुप्ता पिछले वर्ष विधानसभा चुनाव में नितिन नवीन से 50 हजार से अधिक मतों से पराजित हुई थीं।
रेखा गुप्ता ने विश्वास जताया कि ‘‘परिवर्तन के लिए प्रतिबद्ध’’ जनता के समर्थन से वह चुनाव जीतेंगी।
गुप्ता ने आरोप लगाया कि भाजपा के पहचान पत्र लगाए मतदान केंद्र अभिकर्ता मतदाताओं को प्रभावित करने का प्रयास कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने प्रशांत किशोर को ‘‘सिर्फ सोशल मीडिया की उपज’’ करार दिया।
भाषा कैलाश
शफीक
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