Nagarmal Bajoria Death News: पार्षद से लेकर राष्ट्रपति तक का चुनाव लड़ने वाले नागरमल बाजोरिया का निधन, 280 बार चुनावी मैदान में उतरकर बनाया रिकॉर्ड, इंदिरा से लेकर अटल को दी चुनौती

Nagarmal Bajoria Death News: पार्षद से लेकर राष्ट्रपति तक का चुनाव लड़ने वाले नागरमल बाजोरिया का निधन, 280 बार चुनावी मैदान में उतरकर बनाया रिकॉर्ड, इंदिरा से लेकर अटल को दी चुनौती

Nagarmal Bajoria Death News: पार्षद से लेकर राष्ट्रपति तक का चुनाव लड़ने वाले नागरमल बाजोरिया का निधन, 280 बार चुनावी मैदान में उतरकर बनाया रिकॉर्ड, इंदिरा से लेकर अटल को दी चुनौती

Nagarmal Bajoria Death News: पार्षद से लेकर राष्ट्रपति तक का चुनाव लड़ने वाले नागरमल बाजोरिया का निधन, 280 बार चुनावी मैदान में उतरकर बनाया रिकॉर्ड, इंदिरा से लेकर अटल को दी चुनौती / Image: AI Generated

Modified Date: September 4, 2026 / 10:31 am IST
Published Date: September 4, 2026 10:30 am IST
HIGHLIGHTS
  • नागरमल बाजोरिया का निधन
  • 280 बार चुनावी मैदान में उतरे
  • लोकतंत्र में भागीदारी को बनाया मिशन

भागलपुर: Nagarmal Bajoria Death News वार्ड पार्षद से राष्ट्रपति तक का चुनाव लड़ने वाले नागरमल बाजोरिया उर्फ धरतीपकड़ का निधन हो गया। उन्होंने 97 साल की उम्र में अंतिम सांस ली। बताया जा रहा है कि पिछले करीब 15 दिनों से उनकी तबीयत ठीक नहीं थी, जिसके बाद उन्हें पटना के अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां कल देर रात उपचावर के दौरान उनका निधन हो गया। बता दें कि धरतीपकड़ ने अपने जीवनकाल में कुल 280 चुनाव लड़े थे, जिसमें उन्होंने कई इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, अटल बिहारी वाजपेयी जैसे कई दिग्गजों को चुनौती दी थी। नागरमल बाजोरिया ने अपना चुनाव साल 2019 में लड़ा था, लेकिन यहां भी उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।

नहीं रहे नागरमल बाजोरिया

Nagarmal Bajoria Death News मिली जानकारी के अनुसार नागरमल बाजोरिया का जन्म साल 1930 में पाकिस्तान के लाहौर में हुआ था। देश की आजादी से पहले ही उनका परिवार भागलपुर आकर बस गया था। वह पूरे देश में 280 बार चुनाव लड़ चुके हैं। उनकी समाजसेवा, कन्या विवाह के प्रति लगन, गरीब महिलाओं के प्रति सेवा की लगन, बच्चों की पढ़ाई के प्रति इनका समर्पण पूरी दुनिया में सबसे अनोखा है। चैंबर ऑफ कॉमर्स के पूर्व अध्यक्ष ने बताया कि नागरमल बाजोरिया की खासियत यह थी कि चुनाव उनके लिए सिर्फ जीत-हार का माध्यम नहीं था, बल्कि लोकतंत्र में भागीदारी का एक जरिया था। बढ़ती उम्र के साथ नागरमल बाजोरिया पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जूझ रहे थे।

280 बार चुनाव लड़कर बनाया रिकॉर्ड

उन्होंने आगे बताया कि नागरमल बाजोरिया का चुनावी अभियान अनोखा रहा। उनकी पोषाक, उनके कपड़ों पर लिखे श्लोगन और उनकी नामांकन रैली सभी लोगों को ध्यान आकर्षित करने वाली होती थी। वर्ष 2005 के एक चुनाव के दौरान उन्होंने भ्रष्टाचार पर निशाना साधते हुए नामांकन रैली निकाली थी। स्टेशन चौक पर उनकी इस रैली को देखने वालों की भीड़ लगी थी। रैली में कुछ राजनीतिक टिप्पणी वाली तख्तियां गधों के गले में डालकर निकले थे, खूब सुर्खियां बनी थीं।

पार्षद से लेकर राष्ट्रपति तक लड़ा चुनाव

गौरतलब है कि नागरमल बाजोरिया ने इंदिरा गांधी के खिलाफ रायबरेली से, राजीव गांधी के खिलाफ अमेठी से, संजय गांधी, अटल बिहारी वाजपेयी और एलके आडवाणी जैसे राजनीतिक दिग्गजों के खिलाफ भी उन्होंने चुनाव लड़ा। धरतीपकड़ ने वर्ष 2012 में प्रणब मुखर्जी के खिलाफ राष्ट्रपति का चुनाव लड़ने के लिए दाखिल किया लेकिन, उनका पर्चा खारिज हो गया था। पारिवारिक सदस्यों ने बताया कि वर्ष 1969 में तत्कालीन राष्ट्रपति उम्मीदवार वीवी गिरि के खिलाफ नामांकन किया था और उन्होंने अपना आखिरी चुनाव 2019 में लड़ा था।

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"दीपक दिल्लीवार, एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया इंडस्ट्री में करीब 10 साल का एक्सपीरिएंस है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एक ऑनलाइन समाचार वेबसाइट से की थी, जहां उन्होंने राजनीति, खेल, ऑटो, मनोरंजन टेक और बिजनेस समेत कई सेक्शन में काम किया। इन्हें राजनीति, खेल, मनोरंजगन, टेक्नोलॉजी, ऑटोमोबाइल और बिजनेस से जुड़ी काफी न्यूज लिखना, पढ़ना काफी पसंद है। इन्होंने इन सभी सेक्शन को बड़े पैमाने पर कवर किया है और पाठकों लिए बेहद शानदार रिपोर्ट पेश की है। दीपक दिल्लीवार, पिछले 5 साल से IBC24 न्यूज पोर्टल पर लीडर के तौर पर काम कर रहे हैं। इन्हें अपनी डेडिकेशन और अलर्टनेस के लिए जाना जाता है। इसी की वजह से वो पाठकों के लिए विश्वसनीय जानकारी के सोर्स बने हुए हैं। वो, निष्पक्ष, एनालिसिस बेस्ड और मजेदार समीक्षा देते हैं, जिससे इनकी फॉलोवर की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। काम के इतर बात करें, तो दीपक दिल्लीवार को खाली वक्त में फिल्में, क्रिकेट खेलने और किताब पढ़ने में मजा आता है। वो हेल्दी वर्क लाइफ बैलेंस करने में यकीन रखते हैं।"