TA-DA Rule Change in Bihar: कर्मचारियों के लिए जरूरी खबर, सरकार ने TA-DA के नियमों में किया ये बदलाव, अब होगा तगड़ा फायदा

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कर्मचारियों के लिए जरूरी खबर, सरकार ने TA-DA के नियमों में किया ये बदलाव, Bihar Government Changes TA-DA Rules for Employees

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  • Publish Date - July 6, 2026 / 08:00 PM IST,
    Updated On - July 6, 2026 / 08:00 PM IST

पटना। Government Changes TA-DA Rules बिहार सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के यात्रा भत्ता (टीए) और दैनिक भत्ता (डीए) से जुड़े नियमों में व्यापक बदलाव करते हुए बिहार यात्रा-भत्ता (द्वितीय संशोधन) नियमावली-2026 लागू कर दी है। वित्त विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के साथ प्रभावी हुए नए नियमों का उद्देश्य यात्रा भत्ता प्रणाली को अधिक पारदर्शी, व्यावहारिक और सरल बनाना बताया गया है।

Government Changes TA-DA Rules नई नियमावली के तहत सरकारी कार्य से विदेश जाने वाले कर्मचारियों को अब यात्रा भत्ता बिहार सरकार की निर्धारित दरों के बजाय विदेश मंत्रालय द्वारा तय दरों के अनुसार मिलेगा। इसके लिए वर्ष 1949 की बिहार यात्रा-भत्ता नियमावली के संबंधित प्रावधान को समाप्त कर दिया गया है। सरकार का मानना है कि इससे विदेश यात्रा करने वाले कर्मचारियों को वर्तमान परिस्थितियों के अनुरूप बेहतर सुविधा मिल सकेगी। संशोधित नियमों में दैनिक भत्ते (डीए) से जुड़ी कटौती की व्यवस्था भी खत्म कर दी गई है। पहले यदि किसी कर्मचारी को सरकारी दौरे के दौरान निःशुल्क आवास मिलता था तो डीए में 25 प्रतिशत, भोजन मिलने पर 50 प्रतिशत और दोनों सुविधाएं मिलने पर 75 प्रतिशत तक कटौती की जाती थी। अब यह प्रावधान समाप्त कर दिया गया है, जिससे दावा प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक आसान हो जाएगी।

सरकार ने टैक्सी और सरकारी वाहनों के उपयोग से संबंधित प्रावधानों में भी बदलाव किया है। श्रेणी-1 के अधिकारियों को पटना सहित अधिसूचित शहरों में वास्तविक टैक्सी व्यय की प्रतिपूर्ति मिलती रहेगी। वहीं सरकारी वाहन के उपयोग की स्थिति में ईंधन खर्च का भुगतान वास्तविक खपत और लॉग-बुक के प्रमाणन के आधार पर किया जाएगा, जिससे भुगतान व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी। नई नियमावली के तहत यात्रा भत्ता प्राप्त करने के लिए अब प्रत्येक सरकारी कर्मचारी को अपने डीए बिल के साथ बोर्डिंग पास भी अनिवार्य रूप से जमा करना होगा। सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था से यात्रा की सत्यता सुनिश्चित होगी और फर्जी टीए-डीए दावों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा।

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