पटना, 26 अगस्त (भाषा) बिहार में छात्र प्रदर्शन के दौरान झुग्गी बस्ती में रहने वाला छह वर्षीय एक बच्चे ने भी पटना में प्रदर्शन में शामिल होकर सबका ध्यान खींचा।
पटना के पुनाईचक इलाके का रहने वाला आदित्य उस समय आकर्षण का केंद्र बन गया, जब प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी झड़प हो रही थी।
आदित्य ने मीडिया से बेझिझक बात करते हुए कहा, ‘मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को इस्तीफा देना चाहिए और लाठीचार्ज का आदेश देने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।’
इस बीच सोशल मीडिया पर अफवाह फैल गई कि प्रदर्शन में शामिल होने के कारण आदित्य को पुलिस ने ‘‘गिरफ्तार’’ कर लिया है।
हालांकि पुलिस ने इस दावे का खंडन करते हुए कहा कि बच्चे को उसकी सुरक्षा के लिए थाने लाया गया था और बाद में उसकी मां के सुपुर्द कर दिया गया। आदित्य की मां घरेलू सहायिका हैं, जबकि उसके पिता दिहाड़ी मजदूर हैं।
पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, ‘हमने उसके माता-पिता को भी सलाह दी है कि ऐसी तनावपूर्ण स्थिति में बच्चे को अकेले बाहर नहीं निकलने दें।’
उधर, प्रदर्शनकारियों ने भी आदित्य की मौजूदगी का उत्साह के साथ स्वागत किया। जब उसे छोड़ा गया तो वहां मौजूद युवाओं ने ‘जेन अल्फा’ के नारे लगाए।
आदित्य के माता-पिता सहित अधिकांश लोगों का मानना है कि आदित्य दुनिया के प्रति अपनी स्वाभाविक जिज्ञासा के कारण ऐसे आंदोलनों की ओर आकर्षित होता है और बड़े होने के साथ यह उत्सुकता कम हो सकती है।
माथे पर छोटा सा तिलक, टी-शर्ट और डेनिम की पैंट पहने आदित्य हालांकि पत्रकारों से मुस्कराते हुए यही कहता रहा कि वह ‘भविष्य की चिंता करने वाले एक नागरिक के रूप में अपने अधिकारों का प्रयोग कर रहा था।’’
भाषा कैलाश अमित
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