Scooters for Girl Students: प्रदेश की छात्राओं के लिए मुख्यमंत्री ने खोला ​खुशियों का पिटारा, 50 हजार बेटियों को स्कूटी देने ऐलान, रक्षाबंधन से पहले दे दी बड़ी सौगात

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Scooters for Girl Students: प्रदेश की छात्राओं के लिए मुख्यमंत्री ने खोला ​खुशियों का पिटारा, 50 हजार बेटियों को स्कूटी देने ऐलान, रक्षाबंधन से पहले दे दी बड़ी सौगात

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  • Publish Date - August 26, 2026 / 04:51 PM IST,
    Updated On - August 26, 2026 / 04:51 PM IST

Scooters for Girl Students | Photo Credit: Ai

HIGHLIGHTS
  • 50 हजार छात्राओं को स्कूटी
  • 60+ महिलाओं को मुफ्त यात्रा
  • महिला सुरक्षा और छात्रावास

लखनऊ: Scooters for Girl Students उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को घोषणा की कि स्नातक में पढ़ने वाली 50 हजार छात्राओं को अक्टूबर-नवंबर में स्कूटी दी जाएंगी। मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने यहां ‘लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा’ योजना की शुरुआत की, जिसके तहत 60 वर्ष और उससे अधिक उम्र की महिलाओं को उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (रोडवेज) की बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलेगी।

Scooters for Girl Students लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि रक्षाबंधन के अवसर पर 27, 28 और 29 अगस्त को महिलाएं अपने एक सहयात्री के साथ रोडवेज और सिटी बसों में निःशुल्क यात्रा कर सकेंगी। उन्होंने कहा कि इसके बाद 60 वर्ष से अधिक उम्र की सभी महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा की सुविधा मिलेगी।

योगी ने कहा कि महिला स्वावलंबन और सम्मान की बात होने पर लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर का नाम श्रद्धा से लिया जाता है। उन्होंने कहा कि अहिल्याबाई साहस और स्वाभिमान की प्रतीक थीं, इसलिए योजना का नाम उनके नाम पर रखा गया है। एक बयान के मुताबिक मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में लगभग साढ़े 12 करोड़ आधी आबादी है और सरकार महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान, स्वावलंबन व नेतृत्व की यात्रा में सहभागी है। उन्होंने कहा, ‘‘हर बेटी-बहन-माता आत्मनिर्भर महसूस करे, यही हमारी नीति है। ‘डबल-इंजन’ सरकार ने बेटी के जन्म से लेकर उसकी पढ़ाई, सुरक्षा, रोजगार, आय और उसके सपनों की उड़ान को परिवेशी तंत्र से जोड़ने का काम किया है।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए प्रदेश में मिशन शक्ति केंद्र, एआई आधारित ‘सेफ सिटी’ नेटवर्क तथा 1090 और 112 का एकीकृत प्रतिक्रिया प्रणाली मौजूद है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘देश जब मुगल आक्रांताओं की चपेट में था, उस समय लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर ने सुशासन, आध्यात्मिक/सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण व महिला स्वावलंबन का आदर्श उदाहरण प्रस्तुत किया था। काशी विश्वनाथ, सोमनाथ समेत देश में सैकड़ों मंदिर का पुनरुद्धार लोकमाता ने किया था।’’

उन्होंने कहा कि लखनऊ, कानपुर, आगरा, गाजियाबाद, मुरादाबाद, बरेली, प्रयागराज, अयोध्या, गोरखपुर, वाराणसी, झांसी सभी जनपदों में अहिल्याबाई होल्कर के नाम पर कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक हॉस्टल में 500 कामकाजी महिलाओं के निःशुल्क रहने की व्यवस्था रहेगी। योगी आदित्यनाथ ने आरोप लगाते हुए कहा, ‘‘2017 के पहले ‘देख सपाई-बिटिया घबराई’ का नारा तत्कालीन शासन मॉडल का नाम था, जब हर बेटी की सुरक्षा पर संकट था। सुरक्षा, सम्मान नहीं था तो स्वावलंबन कहां से होता। एकीकृत हेल्पलाइन, कमान प्रणाली, सीसीटीवी नेटवर्क, महिला बीट प्रणाली, महिला हेल्पडेस्क भी नहीं थी। पेंशन व छात्रवृत्ति बिचौलिए तय करते थे। पुष्टाहार पर माफिया का नियंत्रण था। उत्सव से पहले उपद्रव होते थे। कर्फ्यू लगने पर माताओं-बहनों को सर्वाधिक परेशानी होती थी।’’

उन्होंने कहा कि देश में पहली बार उत्तर प्रदेश में महिला बीट पुलिस की तैनाती हुई। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में 2017 में 10,000 महिला पुलिसकर्मी थीं, अब यह संख्या 45,000 हो गई है। उन्होंने कहा, ‘‘हमने पुलिस भर्ती में 20 फीसदी बेटियों की भर्ती अनिवार्य की। अभी 32 हजार भर्ती प्रक्रिया में है। पहले बेटी की सुरक्षा किस्मत पर निर्भर थी, आज सिस्टम, डेटा व टेक्नोलॉजी पर है। बेटी घर से निकले, काम/कारोबार करे और रात में सुरक्षित घर लौट आए, सरकार यह गारंटी दे रही है।’’

योगी ने कहा कि सम्मान तब आता है, जब महिला के घर में शौचालय, बिजली, रसोई में धुआंमुक्त ईंधन, नल में जल और खाते में सीधे पैसा पहुंचे और विपत्ति में सरकार साथ खड़ी हो। उन्होंने कहा, ‘‘हर घर शौचालय माताओं, बहनों की गरिमा का आधार था। ‘उज्ज्वला’ ने केवल धुएं से राहत नहीं दी, बल्कि फेफड़े खराब होने वाली बीमारियों से भी मुक्ति दी। पक्के घरों ने परिवारों को सुरक्षा दी तो जल जीवन मिशन ने समय व श्रम की दिशा में बड़ा बदलाव किया है। डीबीटी ने बिचौलियों को हटाकर सीधे लाभार्थियों के खाते में पैसा देना प्रारंभ किया।’’ इससे पहले मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि जीवनभर परिवार और समाज की राह आसान बनाने वाली मातृशक्ति की यात्रा को सुगम और सम्मानपूर्ण बनाने का संकल्प सरकार साकार कर रही है।

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कौन सी छात्राओं को स्कूटी मिलेगी?

स्नातक में पढ़ रही 50 हजार मेधावी छात्राओं को।

मुफ्त बस यात्रा किसे मिलेगी?

60 वर्ष और उससे अधिक उम्र की महिलाओं को।

रक्षाबंधन पर क्या सुविधा दी गई है?

महिलाएं अपने एक सहयात्री के साथ 27-29 अगस्त तक रोडवेज और सिटी बसों में मुफ्त यात्रा कर सकेंगी।