बिहार की अंतिम मतदाता सूची में ‘गड़बड़ी’ की निर्वाचन आयोग से करेंगे शिकायत: दीपांकर भट्टाचार्य

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बिहार की अंतिम मतदाता सूची में ‘गड़बड़ी’ की निर्वाचन आयोग से करेंगे शिकायत: दीपांकर भट्टाचार्य

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  • Publish Date - October 3, 2025 / 08:34 PM IST,
    Updated On - October 3, 2025 / 08:34 PM IST

पटना, तीन अक्टूबर (भाषा) भाकपा(माले) लिबरेशन ने शुक्रवार को दावा किया कि बिहार की अंतिम मतदाता सूची में ‘गड़बड़ियां’ पाई गई हैं। यह सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद इस सप्ताह की शुरुआत में प्रकाशित की गई थीं। पार्टी ने कहा कि इस मसले को निर्वाचन आयोग के समक्ष उठाया जाएगा।

पार्टी के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने पटना में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘असल में 69 लाख नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं, जो एसआईआर से पहले की सूची में थे।’’

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘अगस्त में जब मसौदा मतदाता सूची प्रकाशित की गई, तब 65 लाख से अधिक नाम हटाए गए। अंतिम सूची से 3.66 लाख नाम और हटा दिए गए। कुल मिलाकर 69 लाख नामों को हटाया गया है। वहीं 21.53 लाख नए नाम जोड़े गए हैं। इस वजह से शुद्ध वृद्धि 47 लाख के रूप में दिखाई दे रही है।’’

भट्टाचार्य ने सवाल उठाया, ‘‘हम जानना चाहते हैं कि जो नए नाम जोड़े गए हैं, उनमें से कितने ऐसे लोग हैं जिनके नाम मसौदे से हटाए जाने पर आपत्ति जताई गई थी। निर्वाचन आयोग को यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि अंतिम मसौदे के बाद 3.66 लाख नाम क्यों हटाए गए और क्या संबंधित व्यक्तियों को सुनवाई का अवसर दिया गया।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ताजा मतदाता सूची में महिला मतदाताओं का अनुपात जून की तुलना में कम हो गया है। इसका कारण बताना जरूरी है। हम यह मानने को तैयार नहीं हैं कि पुरुषों की तुलना में महिलाओं की मृत्यु या पलायन अधिक संख्या में हुआ है।’’

भट्टाचार्य ने आयोग की आलोचना करते हुए कहा कि इतनी बड़ी कवायद पर प्रेस वार्ता आयोजित नहीं की गई।

उन्होंने कहा, ‘‘दुर्भाग्य से निर्वाचन आयोग ने शुरुआत और समापन की घोषणा केवल प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से की। हमें मीडिया में स्रोत-आधारित रिपोर्टों पर निर्भर रहना पड़ा।’’

उन्होंने कहा, ‘‘फिर भी हम शनिवार को जब आयोग बिहार आएगा, तो सभी गड़बड़ियों को उसके सामने रखेंगे। सही तथ्य सामने आना जरूरी है क्योंकि उच्चतम न्यायालय अगले हफ्ते एसआईआर को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करेगा और हम भी उनमें याचिकाकर्ता हैं।’’

भाकपा(माले) नेता ने कहा कि वह हाल ही में भागलपुर जिले के पीरपैंती क्षेत्र के दौरे पर गए थे, जहां ‘‘एक कारोबारी समूह को पावर प्लांट लगाने के लिए एक हजार एकड़ से अधिक जमीन औने-पौने दाम पर लीज पर दी गई है।’’

उन्होंने दावा किया, ‘‘क्षेत्र में लाखों पेड़ काटे जाने की आशंका है। इससे न केवल पर्यावरण को नुकसान होगा बल्कि बागानों पर निर्भर हजारों लोगों की आजीविका भी समाप्त हो जाएगी।’’

भट्टाचार्य ने आरोप लगाया, ‘‘जो स्थानीय लोग आवाज उठाते हैं उन्हें राजग के नेताओं, जिनमें विधायक भी शामिल हैं, से धमकी मिलती है। आने वाले चुनाव में हम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की इस साजिश का भंडाफोड़ करेंगे।’’

भाषा कैलाश

संतोष

संतोष