Vande Bharat: UPI सियासी पारा हाई! राहुल गांधी ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप, तो बीजेपी ने भी किया पलटवार, देखिए पूरी रिपोर्ट

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UPI charges 2026: UPI सियासी पारा हाई! राहुल गांधी ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप, तो बीजेपी ने भी किया पलटवार, देखिए पूरी रिपोर्ट

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  • Publish Date - September 16, 2026 / 11:58 PM IST,
    Updated On - September 16, 2026 / 11:59 PM IST

UPI charges 2026 | Photo Credit: IBC24

HIGHLIGHTS
  • ₹2000 से अधिक मर्चेंट पेमेंट पर 0.4% शुल्क
  • कांग्रेस और AAP ने सरकार को घेरा
  • विपक्ष पर भ्रम फैलाने का आरोप

नई दिल्ली: UPI charges 2026 यानी देश के करोड़ों लोगों की रोजमर्रा की डिजिटल पेमेंट की सबसे बड़ी जरूरत, लेकिन अब इसी UPI को लेकर सियासी घमासान छिड़ गया है। 15 अक्टूबर से 2 हजार रुपये से ज्यादा के चुनिंदा मर्चेंट UPI पेमेंट (UPI payment charges) पर 0.4 फीसदी MDR लगाने का फैसला  हुआ तो इस फैसले पर विपक्ष ने सरकार को घेर लिया। राहुल गांधी ने (Rahul Gandhi UPI charges) आरोप लगाया है कि सरकार अमेरिका के दबाव में ये कदम उठा रही है।

UPI charges 2026 UPI पर चार्ज की खबर आई और विपक्ष ने सरकार पर सियासी चार्जशीट लगा दी। (Congress vs BJP UPI) सबसे पहले मोर्चा खोला राहुल गांधी ने सरकार के फैसले पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि इससे अमेरिका को फायदा होगा और सरकार को इसे तुरंत वापस लेना चाहिए।

राहुल के इस बयान के बाद कांग्रेस पार्टी ने सरकार पर हमला तेज कर दिया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि एक तरफ सरकार देश को डिजिटल पेमेंट अपनाने के लिए प्रोत्साहित करती रही और अब उसी UPI व्यवस्था को लेकर चार्ज की व्यवस्था लाई जा रही है। कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने सरकार की नीति और नीयत दोनों पर सवाल खड़े किए। AAP सांसद संजय सिंह ने सरकार के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि व्यापारी पर पड़ने वाला अतिरिक्त खर्च आखिरकार ग्राहक तक पहुंच सकता है।

यानी विपक्ष का आरोप साफ है। UPI पर चार्ज की शुरुआत भले ही व्यापारी से हो। लेकिन उसका असर आखिरकार आम आदमी पर पड़ेगा, लेकिन विपक्ष के आरोपों पर BJP ने भी पलटवार किया..BJP का कहना है कि विपक्ष UPI चार्ज को लेकर भ्रम फैला रहा है।

लेकिन इस सियासी घमासान के बीच सवाल कई हैं। क्या UPI पर चार्ज को लेकर विपक्ष का हमला सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति है? क्या BJP का जवाब विपक्ष के आरोपों को पूरी तरह खारिज कर पाएगा? और सबसे बड़ा सवाल जिस UPI को लेकर सत्ता पक्ष अपनी डिजिटल क्रांति की कामयाबी गिनाता रहा है। उसी UPI पर अब सियासत इतनी गर्म क्यों हो गई ? फैसला सरकार का है। विरोध विपक्ष का लेकिन UPI पर छिड़ी ये लड़ाई आने वाले दिनों में कितनी बड़ी सियासी बहस बनती है। ये देखना अहम होगा।

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UPI पर चार्ज कब से लागू होगा?

15 अक्टूबर 2026 से।

चार्ज किस पर लगेगा?

₹2000 से अधिक के चुनिंदा मर्चेंट पेमेंट पर।

आम जनता पर क्या असर होगा?

विपक्ष का दावा है कि व्यापारी पर पड़ने वाला खर्च अंततः ग्राहक तक पहुंचेगा।