पटना, 27 अप्रैल (भाषा) बिहार से लगने वाला भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र को सुरक्षित बनाए रखने तथा विभिन्न गैर-कानूनी गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए विशेष संयुक्त टीम का गठन किया गया है। यह जानकारी पुलिस अधिकारी ने सोमवार को दी।
इस टीम में बिहार पुलिस के विशेष कार्य बल (एसटीएफ), सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) तथा स्थानीय थानों के चुनिंदा पुलिसकर्मियों को शामिल किया गया है।
अधिकारियों के अनुसार, इस पहल का सकारात्मक प्रभाव भी दिखने लगा है।
पुलिस मुख्यालय सरदार पटेल भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में उप महानिरीक्षक (डीआईजी) नीरज कुमार सिंह ने कहा ने बताया कि इस वर्ष जनवरी से 22 अप्रैल तक विभिन्न गैर-कानूनी गतिविधियों में संलिप्त 146 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
उन्होंने कहा कि फिलहाल सीमा क्षेत्र में ऐसी चार इकाइयों का गठन किया गया है, जिनमें तीनों एजेंसियों के कुल 40 कर्मियों को तैनात किया गया है। वर्तमान में यह टीम सीमावर्ती 13 अनुमंडलों और 69 थानों के क्षेत्रों में विशेष निगरानी रख रही है।
अधिकारी ने बताया कि नेपाल सीमा पर मादक पदार्थों, जाली नोटों की तस्करी तथा अन्य गैर-कानूनी गतिविधियों के खिलाफ अब तक 128 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। इन मामलों में 146 लोगों की गिरफ्तारी के साथ 95 किलोग्राम डोडा, 590 किलोग्राम गांजा, दो लाख रुपये नकद, कफ सिरप, अफीम तथा अन्य प्रतिबंधित पदार्थ बरामद किए गए हैं।
तस्करी और अन्य अवैध गतिविधियों के लिहाज से संवेदनशील जिलों में सीतामढ़ी, बेतिया, मधुबनी, बगहा, सुपौल और अररिया शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि सीमा क्षेत्र में 15 किलोमीटर अंदर तक मौजूद अतिक्रमण हटाया गया है और सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की गहन जांच की जा रही है। सरकार की ओर से मनी एक्सचेंज केंद्र भी खोले गए हैं।
डीआईजी ने कहा कि सीमा पार से नकली नोट, विलुप्तप्राय जीव-जंतु, पशुओं की खाल, पशु तस्करी, यूरिया, गांजा, अफीम, डोडा तथा नशीले रासायनिक पदार्थों समेत कई प्रतिबंधित वस्तुओं की तस्करी होती रही है। ऐसी गतिविधियों पर नकेल कसने के लिए विशेष टीम लगातार चौकसी बरत रही है। उन्होंने कहा कि एसटीएफ भी इन मामलों में लगातार कार्रवाई कर रही है।
भाषा कैलाश
रंजन
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