अब ‘बिहारी होना’ राज्य के लोगों के लिये गर्व की बात: नीतीश

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अब ‘बिहारी होना’ राज्य के लोगों के लिये गर्व की बात: नीतीश

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  • Publish Date - October 26, 2025 / 08:04 PM IST,
    Updated On - October 26, 2025 / 08:04 PM IST

पटना, 26 अक्टूबर (भाषा) बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को दावा किया कि नवंबर 2005 में उनकी सरकार बनने के बाद राज्य में कानून-व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार हुआ है और आज ‘‘बिहारी होना’’ राज्यवासियों के लिए गर्व की बात है।

‘एक्स’ पर एक पोस्ट में उन्होंने लिखा, “लोग 2005 से पहले का बिहार नहीं भूल सकते, जब अपराध और भ्रष्टाचार चरम पर थे। हमारी सरकार आने के बाद कानून-व्यवस्था की बहाली को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। अपराध और भ्रष्टाचार पर शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई गई। अब राज्य में भय और आतंक का माहौल नहीं है। अब बिहारी होना राज्य के लोगों के लिये गर्व की बात है।’’

मुख्यमंत्री ने विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ पर नाम लिए बिना निशाना साधते हुए कहा कि 2005 से पहले (जब राजद सत्ता में थी) राज्य में पूरी तरह अराजकता का माहौल था।

उन्होंने लिखा, ‘‘शाम छह बजे के बाद लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो जाता था। हमारी बहन-बेटियां सुरक्षित नहीं थीं। अपहरण उद्योग का रूप ले चुका था। शोरूम से वाहन लूट लिए जाते थे। अपराधियों के डर से कोई नई गाड़ी खरीदना नहीं चाहता था।’’

उन्होंने दावा किया, “पैसे वाले लोग भी नया मकान बनाने से कतराते थे। उगाही करने वालों के आतंक से उद्योग-धंधे बंद हो गए थे। डॉक्टर और इंजीनियर राज्य छोड़कर जा रहे थे”।

उन्होंने कहा, ‘‘पूरी व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी थी। कानून-व्यवस्था जैसी कोई चीज नहीं थी। अपराध को सत्ता में बैठे लोग संरक्षण देते थे। लोग भय के साए में जीने को मजबूर थे। उस समय बिहारी होना अपमान माना जाता था।’’

नीतीश कुमार ने कहा कि उस दौर में पुलिस के पास न तो पर्याप्त वाहन थे और न ही आधुनिक हथियार। इससे पुलिस का मनोबल बहुत कम था। उन्होंने बताया, “2005 में बिहार में पुलिस थानों की संख्या केवल 817 थी, जो अब बढ़कर 1,380 से अधिक हो गई है।”

उन्होंने कहा कि 24 नवंबर 2005 को नयी सरकार के गठन के समय बिहार पुलिस की संख्या बेहद कम थी। कुमार ने बताया कि तब केवल 42,481 पुलिसकर्मी कार्यरत थे।

मुख्यमंत्री के अनुसार, 2013 से महिलाओं को पुलिस बल में 35 प्रतिशत आरक्षण का लाभ दिया जा रहा है। उन्होंने पोस्ट में लिखा कि महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उन्हें सशक्त बनाने के लिए बड़ी संख्या में महिला कांस्टेबलों की भर्ती की गई। ‘ट्राइबल विमेंस प्राइड बटालियन’ का गठन किया गया। बिहार पुलिस में महिलाओं की भागीदारी अब देश में सबसे अधिक है।

उन्होंने कहा कि 2005 में राज्य की जनता ने तय कर लिया था कि बिहार को विकास के रास्ते पर आगे ले जाना है। उन्होंने कहा, “2005 बिहार के लिए एक टर्निंग प्वाइंट था। आज बिहार न्याय के साथ विकास कर रहा है। युवाओं को रोजगार मिल रहे हैं और बहुत सारे अवसर उपलब्ध हैं। नया बिहार उद्योगों का राज्य है… राज्य समृद्ध हो रहा है। बिहार की जनता उस अराजक काल में कभी वापस नहीं जाएगी।”

बिहार में विधानसभा चुनाव दो चरणों में छह और 11 नवंबर को होंगे तथा मतगणना 14 नवंबर को की होगी।

भाषा कैलाश

प्रशांत

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