Bihar Liquor Ban FIR: अब राज्य में मिला कही ब्रांडेड शराब बिकते तो सीधे कंपनी और मालिक के खिलाफ होगी FIR.. आबकारी मंत्री का बोल्ड ऐलान..

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बिहार सरकार शराबबंदी कानून को और सख्त करने की तैयारी में है। जब्त शराब ब्रांड की कंपनियों पर भी FIR दर्ज करने का निर्देश दिया गया है।

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  • Publish Date - August 14, 2026 / 05:02 PM IST,
    Updated On - August 14, 2026 / 05:07 PM IST

Bihar liquor ban brands fir action || Image- IBC24 NEWS Archive

HIGHLIGHTS
  • शराब कंपनियों पर भी दर्ज होगी FIR
  • बिहार मॉडल से नहीं हटेगी सरकार
  • शराबबंदी कानून और होगा सख्त

पटना: सम्राट सरकार ने बिहार में शराबबंदी कानून को और सख्त करने की तैयारी कर ली है। (Bihar liquor ban brands fir action) राज्य के मद्यनिषेध, उत्पाद एवं निबंधन मंत्री मदन सहनी ने गुरुवार को कहा कि जिन कंपनियों के शराब ब्रांड जब्त होंगे, उनके खिलाफ भी FIR दर्ज की जाएगी। शराब रखने या ले जाने वाले लोगों पर भी कार्रवाई पहले की तरह ही जारी रहेगी।

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कानून या नीति में कोई भी बदलाव नहीं

मंत्री ने यह बयान केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी की उस मांग के बाद दिया, जिसमें उन्होंने बिहार में गुजरात मॉडल की तर्ज पर शराबबंदी लागू करने की बात कही थी। मदन सहनी ने साफ कहा कि राज्य में बिहार मॉडल के तहत ही शराबबंदी लागू रहेगी और इसमें किसी तरह का बदलाव नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जब भी शराब, जिसमें इंडियन मेड फॉरेन लिकर भी शामिल है, का कोई ब्रांड जब्त हो तो उससे जुड़ी कंपनी के खिलाफ भी FIR दर्ज की जाए। उन्होंने कहा कि शराबबंदी कानून का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।

शराबबंदी क़ानून को 10 साल

बिहार में 5 अप्रैल 2016 को शराब की बिक्री और सेवन पर पूरी तरह रोक लगा दी गई थी। इस कानून को लागू हुए करीब 10 साल हो चुके हैं। (Bihar liquor ban brands fir action) राज्य के एक अन्य मंत्री दिलीप जायसवाल ने बुधवार को शराबबंदी कानून की समीक्षा की किसी भी संभावना से इनकार किया था। उन्होंने कहा कि शराबबंदी के खिलाफ अभियान चलाने वालों में शराब माफिया और शराब के समर्थक शामिल हैं।

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शराबबंदी से राज्य को भारी नुकसान

दरअसल, नेशनल काउंसिल ऑफ एप्लाइड इकोनॉमिक रिसर्च की एक हालिया रिसर्च में दावा किया गया था कि शराबबंदी के कारण बिहार को राजस्व का नुकसान हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, यदि शराबबंदी हटाई जाती है तो राज्य का राजस्व 14 से 15 प्रतिशत तक बढ़ सकता है। इस रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए दिलीप जायसवाल ने शराबबंदी का विरोध करने वाले लोगों और संगठनों से शराब के नुकसान के बारे में जागरूकता फैलाने पर ध्यान देने की अपील की। उन्होंने संकेत दिया कि सरकार फिलहाल शराबबंदी कानून को खत्म करने या इसमें बदलाव करने के पक्ष में नहीं है।

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Q1. बिहार में शराब कंपनियों पर FIR क्यों होगी?

शराब का कोई ब्रांड जब्त होने पर संबंधित कंपनी के खिलाफ भी FIR दर्ज की जाएगी।

Q2. बिहार में शराबबंदी कब लागू हुई थी?

बिहार में शराब की बिक्री और सेवन पर पूर्ण प्रतिबंध 5 अप्रैल 2016 से लागू है।

Q3. क्या बिहार सरकार शराबबंदी कानून बदलेगी?

फिलहाल सरकार ने शराबबंदी कानून में बदलाव या इसे खत्म करने की संभावना से इनकार किया है।