Bihar liquor ban brands fir action || Image- IBC24 NEWS Archive
पटना: सम्राट सरकार ने बिहार में शराबबंदी कानून को और सख्त करने की तैयारी कर ली है। (Bihar liquor ban brands fir action) राज्य के मद्यनिषेध, उत्पाद एवं निबंधन मंत्री मदन सहनी ने गुरुवार को कहा कि जिन कंपनियों के शराब ब्रांड जब्त होंगे, उनके खिलाफ भी FIR दर्ज की जाएगी। शराब रखने या ले जाने वाले लोगों पर भी कार्रवाई पहले की तरह ही जारी रहेगी।
IBC24 News के लेटेस्ट Updates और ताजा समाचार के लिए हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़े
मंत्री ने यह बयान केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी की उस मांग के बाद दिया, जिसमें उन्होंने बिहार में गुजरात मॉडल की तर्ज पर शराबबंदी लागू करने की बात कही थी। मदन सहनी ने साफ कहा कि राज्य में बिहार मॉडल के तहत ही शराबबंदी लागू रहेगी और इसमें किसी तरह का बदलाव नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जब भी शराब, जिसमें इंडियन मेड फॉरेन लिकर भी शामिल है, का कोई ब्रांड जब्त हो तो उससे जुड़ी कंपनी के खिलाफ भी FIR दर्ज की जाए। उन्होंने कहा कि शराबबंदी कानून का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।
बिहार में शराबबंदी कानून पर बिहार सरकार के मद्य निषेध मंत्री मदन सहनी ने कहा की इस कानून में कोई संशोधन नहीं होगा, कानून लागू है लागू रहेगी, अब शराब जिस कंपनी की आएगी बिहार में उस कंपनी पर भी मामला दर्ज किया जाएगा….सुनिए #MadanSahni #Bihar #LiquorBan #Prohibition… pic.twitter.com/dGNIUeSEfU
— News4Nation (@news4nations) August 13, 2026
बिहार में 5 अप्रैल 2016 को शराब की बिक्री और सेवन पर पूरी तरह रोक लगा दी गई थी। इस कानून को लागू हुए करीब 10 साल हो चुके हैं। (Bihar liquor ban brands fir action) राज्य के एक अन्य मंत्री दिलीप जायसवाल ने बुधवार को शराबबंदी कानून की समीक्षा की किसी भी संभावना से इनकार किया था। उन्होंने कहा कि शराबबंदी के खिलाफ अभियान चलाने वालों में शराब माफिया और शराब के समर्थक शामिल हैं।
IBC24 News के लेटेस्ट Updates और ताजा समाचार के लिए हमारे Instagram Page को Follow करें
दरअसल, नेशनल काउंसिल ऑफ एप्लाइड इकोनॉमिक रिसर्च की एक हालिया रिसर्च में दावा किया गया था कि शराबबंदी के कारण बिहार को राजस्व का नुकसान हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, यदि शराबबंदी हटाई जाती है तो राज्य का राजस्व 14 से 15 प्रतिशत तक बढ़ सकता है। इस रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए दिलीप जायसवाल ने शराबबंदी का विरोध करने वाले लोगों और संगठनों से शराब के नुकसान के बारे में जागरूकता फैलाने पर ध्यान देने की अपील की। उन्होंने संकेत दिया कि सरकार फिलहाल शराबबंदी कानून को खत्म करने या इसमें बदलाव करने के पक्ष में नहीं है।
थोक महंगाई नौ महीने बाद पहली बार घटी, जुलाई में 9.78 प्रतिशत पर
कंबोडिया स्थित साइबर ठगी गिरोह का ठाणे पुलिस ने किया पर्दाफाश, आठ पर मामला दर्ज
एफटीए साझेदार देशों को भारत के निर्यात में जून तिमाही में मजबूत वृद्धि
उप्र : कांस्टेबल की पत्नी ने पति की राइफल से गोली मारकर खुदकुशी की
स्वतंत्रता के समय मोदी प्रधानमंत्री रहे होते तो भारत को कोई नुकसान नहीं होता : आदित्यनाथ