बिहार विधानसभा चुनाव में ‘गौरक्षकों’ को मैदान में उतारेंगे : शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती

Ads

बिहार विधानसभा चुनाव में ‘गौरक्षकों’ को मैदान में उतारेंगे : शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती

  •  
  • Publish Date - October 13, 2025 / 10:07 PM IST,
    Updated On - October 13, 2025 / 10:07 PM IST

(तस्वीर के साथ)

पटना, 13 अक्टूबर (भाषा) उत्तराखंड स्थित ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने सोमवार को घोषणा की कि वह बिहार विधानसभा की सभी 243 सीटों पर ‘गौ रक्षक’ (गायों की रक्षा करने वाले स्वयंसेवक) उम्मीदवारों को चुनाव मैदान में उतारेंगे।

शंकराचार्य ने यह घोषणा ‘गौ माता संकल्प यात्रा’ के समापन के बाद की। यह यात्रा 13 सितंबर को शुरू हुई थी, जिसका उद्देश्य मतदाताओं से ‘‘गौ हत्या के पाप में सहभागी न बनने’’ की अपील करना था।

उन्होंने कहा, ‘‘यात्रा के दौरान मैंने बिहार को करीब से देखा। यह राज्य अपनी संस्कृति में मेरी अपेक्षा से अधिक गहराई से जुड़ा हुआ है। मैंने जिन 38 जिलों का दौरा किया, वहां लोगों ने ‘गौ रक्षा’ के प्रति जबरदस्त समर्थन दिखाया।’’

शंकराचार्य ने कहा कि उन्होंने यह निर्णय इसलिए लिया क्योंकि मुख्यधारा की राजनीतिक पार्टियां गौ रक्षा के मुद्दे की अनदेखी कर रही हैं।

उन्होंने दावा किया कि उनके उम्मीदवार नामांकन दाखिल करना शुरू कर चुके हैं और उनके नाम नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सार्वजनिक किए जाएंगे, ताकि ‘‘उनके मार्ग में किसी प्रकार की बाधा न आए।’’

शंकराचार्य ने बताया कि कुछ सीटों पर उम्मीदवार निर्दलीय के रूप में चुनाव लड़ेंगे, जबकि बाकी सीटों पर वह अखिल भारतीय जनसंघ, राष्ट्रीय सनातनी पार्टी, राष्ट्रीय स्वाभिमान पार्टी, सर्वोदय पार्टी और राइट टू रिकॉल पार्टी जैसे संगठनों के प्रत्याशियों का समर्थन करेंगे।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं राजनीति में भाग नहीं ले रहा हूं। मैं केवल धर्म की रक्षा का अपना कर्तव्य निभा रहा हूं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘जो लोग गो हत्या या गोमांस खाने की अनुमति देते हैं, वे भी समान रूप से पाप के भागी हैं।’’

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने स्पष्ट किया कि वे स्वयं चुनाव नहीं लड़ेंगे, लेकिन ‘गौ रक्षक’ उम्मीदवारों के लिए प्रचार करेंगे और अपनी क्षमता के अनुसार आर्थिक सहयोग देंगे।

केंद्र और राज्य सरकार दोनों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, ‘‘कुछ पार्टियां जो खुद को गौ रक्षक कहती हैं, वे गौ हत्या करने वालों के दान से फल-फूल रही हैं।’’

शंकराचार्य उन्होंने यह भी कहा, “कुछ लोग मुझे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का विरोधी समझते हैं, लेकिन यह सच नहीं है। मैं मोदी जी का शुभचिंतक हूं, जो उनके जीवन और परलोक दोनों की चिंता करता है।’’

उन्होंने दावा किया कि बिहार में गौहत्या का सबसे बड़ा कारण ‘उस्त्र’ है जिसका अभिप्राय ‘उपेक्षा’ (अज्ञानता), ‘शंकरीकरण’ (गायों को केवल दूध देने वाली मानने की संकीर्ण सोच), ‘तस्करी’ और ‘राजनीति’ से है।

शंकराचार्य ने कहा, ‘‘मैं ‘उ’ यानी उपेक्षा से निपटने के लिए लगातार जागरूकता अभियान चलाऊंगा, जबकि बाकी ‘स्त्र’ से निपटने के लिए उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं।”

बिहार में विधानसभा चुनाव दो चरणों में होंगे छह और 11 नवंबर को, जबकि मतगणना 14 नवंबर को की जाएगी।

भाषा कैलाश

धीरज

धीरज

शीर्ष 5 समाचार