पटना, 26 अगस्त (भाषा) बिहार सरकार दिव्यांगजनों में उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए उन्हें पांच लाख रुपये का ब्याज-मुक्त ऋण और पांच लाख रुपये की सब्सिडी मुहैया कराएगी।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता वाले मंत्रिमंडल ने इस संबंध में एक नयी योजना ‘मुख्यमंत्री दिव्यांगजन उद्यमी योजना’ को मंज़ूरी दे दी है।
कुमार की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य के समाज कल्याण विभाग के प्रस्ताव को मंज़ूरी दी गई। इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले यह फैसला काफी अहम माना जा रहा है।
समाज कल्याण विभाग की सचिव बंदना प्रेयसी ने योजना के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘इस योजना का उद्देश्य दिव्यांगजनों में उद्यमिता को बढ़ावा देना है। इस योजना के तहत उन्हें पांच लाख रुपये की सब्सिडी और पांच लाख रुपये का ब्याज-मुक्त ऋण दिया जाएगा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘…‘मुख्यमंत्री उद्यमी योजना’ नाम से एक व्यापक योजना पहले से ही मौजूद है। इस योजना के अंतर्गत अल्पसंख्यकों, महिलाओं और अन्य लोगों के लिए अलग-अलग श्रेणियां हैं। इसलिए, अब दिव्यांगजनों के लिए एक और अलग श्रेणी बनाई जाएगी। इस साल यह योजना 100 लोगों के साथ शुरू होगी। अगर हमें और आवेदन मिलते हैं, तो हम उन्हें भी इसमें शामिल करेंगे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘राज्य सरकार दिव्यांगजनों के सशक्तीकरण की दिशा में काम कर रही है। हाल ही में, राज्य मंत्रिमंडल ने दिव्यांगजनों को बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) और संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण करने पर क्रमशः 50,000 रुपये और एक लाख रुपये की सहायता राशि देने को मंजूरी दी है, ताकि वे मुख्य परीक्षा की तैयारी कर सकें।’
अधिकारी ने बताया कि सरकार विशेष रूप से सक्षम व्यक्तियों के लिए नई योजनाएं लाने की भी योजना बना रही है।
भाषा शोभना दिलीप
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