Chhattisgarh Naxal Free Updates: छत्तीसगढ़ से माओवादियों का ‘सोर्स ऑफ इनकम’ भी पूरी तरह तबाह.. एक महीने में 8 किलो सोना और 6.75 करोड़ रुपये नकद बरामद

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Chhattisgarh Naxal Free Updates: बस्तर में नक्सली सोर्स ऑफ इनकम तबाह, 8 किलो सोना और 6.75 करोड़ रुपये बरामद, 170 कैडर आत्मसमर्पण।

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  • Publish Date - April 2, 2026 / 03:12 PM IST,
    Updated On - April 2, 2026 / 03:12 PM IST

Chhattisgarh Naxal Free Updates || Image- ANI News File

HIGHLIGHTS
  • बस्तर में नक्सली सोर्स ऑफ इनकम नष्ट
  • 8 किलो सोना, 6.75 करोड़ रुपये बरामद
  • 170 माओवादी कैडर ने आत्मसमर्पण किया

बस्तर: बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी ने बताया कि बस्तर संभाग में एक महीने के भीतर कुल 170 माओवादी कैडर मुख्यधारा में लौट आए हैं। (Chhattisgarh Naxal Free Updates) इनमें बस्तर रेंज के वरिष्ठ माओवादी कैडर डीकेएसजेडसीएम पापाराव और कई डिवीसीएम स्तर के कैडरों का आत्मसमर्पण भी शामिल है।

जानें नक्सलियों से क्या हुआ बरामद

पुलिस अफसर ने बताया कि, 343 से अधिक श्रेणीबद्ध हथियार बरामद किए गए हैं, जिनमें एके-47, इंसास, एसएलआर, बीजीएल लॉन्चर और एलएमजी शामिल हैं। इससे माओवादियों की सैन्य क्षमता लगभग समाप्त हो गई है। पिछले 31 दिनों में, 6.75 करोड़ रुपये नकद और आठ किलोग्राम सोना (जिसका मूल्य 12 करोड़ रुपये से अधिक है) की बरामदगी स्पष्ट तौर पर माओवादियों के सोर्स ऑफ़ इनकम के कमजोर होने के संकेत है।

आईजी सुंदरराज ने बुधवार को कहा कि ‘मिशन 2026’ के तहत, बस्तर आज एक ऐतिहासिक परिवर्तन का गवाह बन रहा है। एक ऐसा क्षेत्र जो लंबे समय तक हिंसा और भय की छाया में रहा, अब शांति, विश्वास और विकास की एक नई दिशा की ओर निर्णायक रूप से आगे बढ़ रहा है। सुरक्षा बलों, स्थानीय प्रशासन और बस्तर के लोगों के सामूहिक संकल्प ने ‘नक्सल-मुक्त बस्तर’ के लक्ष्य को लगभग साकार कर दिया है। बस्तर अब स्थायी शांति, प्रगति और जन विश्वास के एक नए अध्याय की ओर आत्मविश्वास के साथ बढ़ रहा है।

2700 से अधिक माओवादियों का पुनर्वास

बड़ी संख्या में गुमराह माओवादी कैडर हिंसा छोड़कर ‘पूना मार्गम पुनर्वास के माध्यम से मुख्यधारा में वापसी’ कार्यक्रम के तहत एक गरिमापूर्ण जीवन की ओर लौट रहे हैं। 27 महीनों में 2700 से अधिक माओवादियों का पुनर्वास किया गया है, (Chhattisgarh Naxal Free Updates) जो बस्तर में स्थायी शांति और विश्वास के बढ़ते माहौल को दर्शाता है।

निर्णायक सुरक्षा अभियान, लगातार आत्मसमर्पण, हथियारों की बरामदगी और हथियारों के जखीरों (डंप) की बरामदगी ने संगठन की संरचना और युद्धक क्षमता को लगभग नष्ट कर दिया है। सरकार के उद्देश्य के अनुरूप, सुरक्षा बलों, स्थानीय प्रशासन, स्थानीय लोगों और सभी संबंधित हितधारकों के संयुक्त प्रयास अब ‘नक्सल-मुक्त बस्तर’ के लक्ष्य को उसकी औपचारिक पूर्णता की ओर ले जा रहे हैं। सरकार ने ‘नक्सल-मुक्त भारत’ के लिए 31 मार्च, 2026 का लक्ष्य निर्धारित किया था।

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1. बस्तर में कितने माओवादी कैडर ने आत्मसमर्पण किया?

पिछले एक महीने में 170 माओवादी कैडर ने मुख्यधारा में लौटकर आत्मसमर्पण किया।

2. नक्सलियों से क्या बरामद हुआ?

343 हथियार, 8 किलो सोना और 6.75 करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए।

3. Mission 2026 का उद्देश्य क्या है?

बस्तर और भारत को स्थायी शांति, विकास और नक्सल-मुक्त बनाने का लक्ष्य है।