नयी दिल्ली, दो अप्रैल (भाषा) सरकार का अप्रत्यक्ष कर संग्रह वित्त वर्ष 2025-26 में संशोधित अनुमान से मामूली रूप से अधिक रहा है। एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
संशोधित अनुमान के अनुसार, सीमा शुल्क, उत्पाद शुल्क और माल एवं सेवा कर (जीएसटी) सहित कुल अप्रत्यक्ष कर संग्रह वित्त वर्ष 2025-26 में 15.52 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहने का अनुमान है। इसमें सीमा शुल्क 2.58 लाख करोड़ रुपये, उत्पाद शुल्क 3.38 लाख करोड़ रुपये और केंद्रीय माल एवं सेवा कर (सीजीएसटी) 9.58 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है।
अधिकारी ने वास्तविक आंकड़े दिए बिना बताया कि सीमा शुल्क राजस्व वित्त वर्ष 2025-26 के लिए संशोधित अनुमान का 102 प्रतिशत रहा, जबकि उत्पाद शुल्क के मामले में यह संशोधित अनुमान का 101 प्रतिशत रहा। केंद्रीय जीएसटी संग्रह संशोधित अनुमान का 100.8 प्रतिशत रहा।
उन्होंने कहा, ‘‘कुल मिलाकर, जीएसटी और गैर-जीएसटी संग्रह संशोधित अनुमान का 101.2 प्रतिशत रहा।’’
हालांकि, पान मसाला उत्पादन पर लगने वाले स्वास्थ्य एवं राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर से प्राप्त संग्रह लक्ष्य से कम रहा है।
संशोधित अनुमान के तहत वित्त वर्ष 2025-26 में स्वास्थ्य एवं राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर से 2,330 करोड़ रुपये संग्रह का अनुमान लगाया गया था। हालांकि, वित्त वर्ष 2025-26 में वास्तविक संग्रह लक्ष्य से कम यानी केवल 63 प्रतिशत रहा।
स्वास्थ्य एवं राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर अधिनियम के तहत, एक फरवरी, 2026 से पान मसाला इकाइयों की उत्पादन क्षमता पर उपकर लगाया जाता है। यह उपकर उच्चतम 40 प्रतिशत जीएसटी दर के अतिरिक्त लगाया जाता है।
अधिकारी ने कहा कि चालू वित्त वर्ष में उपकर संग्रह में सुधार होने की उम्मीद है। चालू वित्त वर्ष में सरकार ने उपकर से 14,000 करोड़ रुपये के संग्रह का लक्ष्य रखा है।
भाषा रमण अजय
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