Haj Pilgrims Additional Funds: सरकार नहीं देगी हज यात्रियों को हवाई किराये के लिए अतिरिक्त पैसे.. कोर्ट ने ख़ारिज की याचिका, जानें कितनी की गई थी मांग 

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Haj Pilgrims Additional Funds Latest News: कर्नाटक हाई कोर्ट ने हज यात्रियों से अतिरिक्त 10 हजार रुपये वसूली के खिलाफ याचिका खारिज की।

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  • Publish Date - May 15, 2026 / 04:47 PM IST,
    Updated On - May 15, 2026 / 04:51 PM IST

Haj Pilgrims Additional Funds Latest News || AI Generated File

HIGHLIGHTS
  • हज यात्रियों से 10 हजार रुपये अतिरिक्त किराया मांगा गया।
  • कोर्ट ने याचिकाकर्ता को कानूनी अधिकार न होने पर याचिका खारिज की।
  • मंत्रालय ने बढ़े ATF दाम और मिडिल ईस्ट संकट को वजह बताया।

बेंगलुरु: कर्नाटक हाई कोर्ट ने हज यात्रियों के हवाई किराए में 10,000 रुपये की बढ़ोतरी को चुनौती देने वाली एक याचिका को खारिज कर दिया है। (Haj Pilgrims Additional Funds Latest News) 7 मई को दिए गए अपने आदेश में कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता के पास इस मामले को चुनौती देने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है, क्योंकि उसने न तो हज के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था और न ही कोई पैसा जमा किया था।
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जानें क्या है पूरा मामला?

यह विवाद हज कमेटी ऑफ इंडिया द्वारा 28 अप्रैल, 2026 को जारी किए गए एक सर्कुलर से जुड़ा है। इस सर्कुलर में सभी हज यात्रियों से हवाई किराए के रूप में 10,000 रुपये अतिरिक्त मांगे गए थे। कमेटी का कहना था कि पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के कारण एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में भारी उछाल आया है, जिसके चलते एयरलाइंस ने किराए में बढ़ोतरी की मांग की थी।

जानें किसने दायर की थी याचिका?

कोलार जिले के रहने वाले यूनुस खान ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए इस बढ़ोतरी का विरोध किया था। उनके वकील सुहैल दिल नवाज ने कोर्ट में तर्क दिया कि अधिकारियों ने हज यात्रियों से पहले ही 2,77,300 रुपये वसूल लिए हैं। (Haj Pilgrims Additional Funds Latest News) उनकी दलील थी कि चूंकि टिकट काफी पहले बुक हो चुके थे, इसलिए अब पश्चिम एशिया के संकट और ईंधन की कीमतों का हवाला देकर अतिरिक्त पैसे नहीं मांगे जा सकते।

याचिकाकर्ता खुद भी नहीं था हजयात्री

मामले की सुनवाई कर रहे जस्टिस एस. विश्वजीत शेट्टी ने रिकॉर्ड खंगालने के बाद पाया कि यूनुस खान ने खुद को हज यात्री के रूप में पंजीकृत ही नहीं कराया था। जस्टिस शेट्टी ने अपने आदेश में स्पष्ट किया, “28.04.2026 के सर्कुलर के माध्यम से 10,000 रुपये की अतिरिक्त राशि की मांग केवल हज 2026 के उन यात्रियों से की गई है, जिन्होंने हज कमेटी के साथ अपना नाम पंजीकृत कराया है और पैसे जमा किए हैं।”
चूंकि याचिकाकर्ता पर इस सर्कुलर का कोई सीधा असर नहीं पड़ रहा था, इसलिए कोर्ट ने उसे राहत देने से इनकार कर दिया। बेंच ने कहा, “इन परिस्थितियों में, याचिकाकर्ता को उक्त सर्कुलर से कोई शिकायत नहीं हो सकती है, और इसलिए, उसे इस पर सवाल उठाने का कोई अधिकार नहीं है।” कोर्ट ने याचिका को सुनवाई योग्य न मानते हुए खारिज कर दिया।

क्या है सरकार के दलील?

किराए में बढ़ोतरी का बचाव करते हुए केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने कहा कि यह एक ”वैश्विक आपातकाल” का नतीजा है जो किसी भी सरकार के नियंत्रण से बाहर है। (Haj Pilgrims Additional Funds Latest News) मंत्रालय के मुताबिक, मिडिल ईस्ट संकट के कारण एयरलाइंस ने प्रति यात्री 300 से 400 डॉलर अतिरिक्त मांग की थी। काफी बातचीत के बाद मंत्रालय ने केवल 100 डॉलर (लगभग 10,000 रुपये) की बढ़ोतरी को मंजूरी दी।

तेलंगाना सरकार करेंगे खर्च वहन

हालाँकि कोर्ट के फैसले से इतर तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने हज यात्रियों को बड़ी राहत दी है। उन्होंने घोषणा की कि राज्य सरकार हज यात्रा पर लगाए गए 10 हजार रुपये के अतिरिक्त शुल्क का खर्च उठाएगी। केंद्र सरकार ने यात्रियों से बढ़े हुए हवाई किराए के कारण यह राशि जमा करने को कहा था। मुख्यमंत्री ने हज हाउस में तीर्थयात्रियों को विदाई देते समय यह ऐलान किया। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संकट के कारण हवाई ईंधन महंगा हुआ है, जिससे किराया बढ़ा है। सरकार सभी धर्मों का सम्मान करती है और यात्रियों पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ने देगी।

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Q1. हज यात्रियों से कितनी अतिरिक्त राशि मांगी गई थी?

Ans: हज कमेटी ने प्रत्येक यात्री से 10 हजार रुपये अतिरिक्त हवाई किराया मांगा था।

Q2. कोर्ट ने याचिका क्यों खारिज की?

Ans: याचिकाकर्ता हज यात्री नहीं था, इसलिए उसे कानूनी चुनौती देने का अधिकार नहीं मिला।

Q3. किराया बढ़ाने की वजह क्या बताई गई?

Ans: मिडिल ईस्ट संकट और एविएशन फ्यूल कीमतों में बढ़ोतरी को मुख्य कारण बताया गया।