Student Conclave Synergy 4.0: सेज यूनिवर्सिटी में स्टूडेंट कॉन्क्लेव: सिनेर्जी 4.0” का सफल आयोजन.. “व्यवसाय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता में महारत” अहम विषय पर हुई विस्तार से चर्चा

Ads

सेज यूनिवर्सिटी इंदौर में आयोजित “सिनेर्जी 4.0” स्टूडेंट कॉन्क्लेव में 200 से अधिक छात्रों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर अपने नवाचार और शोध प्रस्तुत किए, जिसमें 73 रिसर्च पेपर शामिल रहे।

  •  
  • Publish Date - May 6, 2026 / 01:29 PM IST,
    Updated On - May 6, 2026 / 01:29 PM IST

Student Conclave Synergy 4.0 / Image Source : SOCIAL MEDIA

HIGHLIGHTS
  • “सिनेर्जी 4.0” कॉन्क्लेव में AI पर बड़ी शैक्षणिक चर्चा
  • 200+ छात्रों की भागीदारी, 73 रिसर्च पेपर प्रस्तुत
  • वित्त, मार्केटिंग और HR में AI के उपयोग पर फोकस

भोपाल: सेज यूनिवर्सिटी, इंदौर के इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (IMS) द्वारा “स्टूडेंट कॉन्क्लेव: सिनेर्जी 4.0” का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य विषय “व्यवसाय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता में महारत” रहा, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपने शोध एवं नवाचारपूर्ण विचार प्रस्तुत किए। यह आयोजन विश्वविद्यालय के माननीय चांसलर इंजीनियर संजीव अग्रवाल के मार्गदर्शन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर साक्षी अग्रवाल बंसल के नेतृत्व में संपन्न हुआ, जो संस्थान की नवाचार एवं उद्योगोन्मुख शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

कॉन्क्लेव की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कार्यवाहक कुलपति प्रो. (डॉ.) अंकुर सक्सेना ने की, जबकि डीन (आर एंड डी) डॉ. लालजी प्रसाद की गरिमामयी उपस्थिति रही। मुख्य वक्ताओं के रूप में अभिजीत व्यास एवं जावेद खान ने अपने अनुभव साझा किए। साथ ही बाह्य विशेषज्ञों दानिश जैन, अंकिता रत्नपारखी एवं अपूर्व त्रिवेदी ने विभिन्न ट्रैक्स का मूल्यांकन किया।

कार्यक्रम में 200 से अधिक विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की तथा 73 शोध-पत्र प्रस्तुत किए गए। यह उल्लेखनीय भागीदारी विद्यार्थियों के बढ़ते शोध-रुझान और नवाचार के प्रति उनकी गहरी रुचि को दर्शाती है। प्रस्तुत शोध-पत्रों में विद्यार्थियों ने अपने विषयों की गहन समझ, विश्लेषणात्मक क्षमता एवं व्यावहारिक दृष्टिकोण का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। विभिन्न विषयों पर किए गए इन शोधों ने न केवल उनकी शैक्षणिक दक्षता को उजागर किया, बल्कि समकालीन चुनौतियों के समाधान हेतु उनके रचनात्मक विचारों को भी सामने रखा।वित्त, विपणन एवं मानव संसाधन जैसे प्रमुख प्रबंधन क्षेत्रों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग पर विस्तृत प्रस्तुतियां दी गईं। विद्यार्थियों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित वित्तीय विश्लेषण, डिजिटल विपणन, उपभोक्ता व्यवहार, प्रतिभा प्रबंधन एवं निर्णय प्रक्रिया जैसे विषयों पर अपने नवाचारी दृष्टिकोण प्रस्तुत किए।

इस अवसर पर प्रो. (डॉ.) अंकुर सक्सेना ने कहा कि इस प्रकार के कॉन्क्लेव विद्यार्थियों में शोध, नवाचार एवं व्यावसायिक सोच को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को उद्योग की वर्तमान आवश्यकताओं एवं भविष्य की संभावनाओं से अवगत कराया।कार्यक्रम का सफल संचालन संस्थान के संकाय सदस्यों, आयोजन समिति एवं छात्र स्वयंसेवकों के सहयोग से संपन्न हुआ। अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों, विशेषज्ञों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। यह कॉन्क्लेव विद्यार्थियों के लिए एक सशक्त मंच साबित हुआ, जिसने उन्हें कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित व्यावसायिक दुनिया के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

इन्हें भी पढ़ें :