Shankaracharya Avimukteshwaranand On Yogi Adityanath : शंकराचार्य का योगी को 40 दिन का अल्टीमेटम, ‘असली हिंदू’ हैं या ‘नकली’? 20 दिन बाद होगा बड़ा खुलासा

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  • Publish Date - February 19, 2026 / 09:38 PM IST,
    Updated On - February 19, 2026 / 09:38 PM IST

Shankaracharya Avimukteshwaranand On Yogi Adityanath / Image Source : IBC24 / FILE

HIGHLIGHTS
  • शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने योगी आदित्यनाथ के हिंदुत्व पर सवाल उठाया।
  • 40 दिनों का अल्टीमेटम, समय पूरा होने पर ‘असली या नकली हिंदू’ की घोषणा।
  • प्रयागराज माघ मेले की घटना के बाद विवाद ने तूल पकड़ा।

लखनऊ: देश में एक बार फि असली और नकली हिंदू को लेकर एक बार फिर बहस छिड़ गई है। ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने एक इंटरव्यू में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हिंदुत्व को लेकर सवाल उठा दिया है। उन्होंने कहा कि 20 दिन के बाद वे खुलासा करेंगे कि योगी असली हिंदू है या नकली।

समय समाप्त होने पर करेंगे असली और नकली हिन्दू की घोषणा

दरअसल, ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने एक राष्ट्रीय न्यूज चैनल को दिए साक्षात्कार में भाजपा सरकार पर सीधा प्रहार करते हुए दावा किया है कि भाजपा में दो विचारधाराएं स्पष्ट दिख रही हैं, जहां एक पक्ष ‘अत्याचारी’ है और दूसरा बटुकों का सम्मान कर डैमेज कंट्रोल की कोशिश कर रहा है। अपनी पदवी पर उठाए गए सवालों का कड़ा जवाब देते हुए शंकराचार्य ने मुख्यमंत्री को चेतावनी भरे लहजे में कहा कि उनके द्वारा दिए गए 40 दिनों के अल्टीमेटम में से 20 दिन बीत चुके हैं।

उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि समय सीमा समाप्त होने के बाद वे यह घोषित करेंगे कि योगी आदित्यनाथ वास्तव में ‘असली हिंदू’ हैं या मात्र ‘नकली’।अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि 11 मार्च को वह लखनऊ कूच करेंगे और यह सिद्ध करेंगे कि योगी आदित्यनाथ असली हिंदू हैं या नकली। उनके अनुसार, यदि उनके शास्त्रीय प्रश्नों का उत्तर नहीं मिला, तो यह मान लिया जाएगा कि सत्ता धर्म के विरुद्ध खड़ी है।

क्या है पूरा मामला ?

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में माघ मेले का आयोजन किया गया है। मौनी अमावस्या पर करोड़ों श्रद्धालु स्नान करने के लिए संगम पहुंचे। इस दौरान कुछ ऐसा हुआ जो चर्चा का विषय बन गया है। दरअसल, स्वामी शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने स्नान करने से मना कर दियाऔर अपनी पालकी बीच रास्ते से ही अखाड़े की तरफ लौटा दी। Magh Mela Prayagraj Controversy बताया जा रहा है कि, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद अपनी पालकी से अखाड़े से निकलकर संगम नोज पर जा रहे थे और इसी दौरान उनके शिष्यों और उत्तर प्रदेश सरकार के गृह सचिव मोहित गुप्ता के बीच किसी बात को लेकर बहस हो गई।

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विवाद किस बात को लेकर है?

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हिंदुत्व को लेकर सवाल उठाया है और 40 दिनों का अल्टीमेटम दिया है।

घोषणा कब की जाएगी?

उन्होंने कहा है कि तय समय सीमा समाप्त होने के बाद वे सार्वजनिक रूप से बताएंगे कि योगी ‘असली हिंदू’ हैं या ‘नकली’।

विवाद की शुरुआत कैसे हुई?

प्रयागराज में माघ मेले के दौरान संगम स्नान को लेकर हुए विवाद और बहस के बाद यह मुद्दा चर्चा में आया।