(Union Budget 2026/ Image Credit: IBC24 News)
नई दिल्ली: Union budget 2026 Expectations वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2026 को केंद्रीय बजट पेश करेंगी। इस बार बजट में सस्ती और शुरुआती इलेक्ट्रिक कारों (EVs) को बढ़ावा देने पर ध्यान दिया जा सकता है। भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग लगातार बढ़ती जा रही है। सरकार इसे बढ़ावा देने के लिए टैक्स में छूट, सब्सिडी और आसान फाइनेंसिंग जैसे कदम उठा सकती है। अगर सही दिशा में कदम उठाए गए, तो आम लोगों के लिए इलेक्ट्रिक कारें और सस्ती हो सकती हैं।
दरअसल, देश की प्रमुख ऑटो कंपनी टाटा मोटर्स ने सरकार से अनुरोध किया है कि एंट्री-लेवल इलेक्ट्रिक कारों और फ्लीट ऑपरेशंस में इस्तेमाल होने वाली EVs को भी प्रोत्साहन मिले। कंपनी का कहना है कि पैसेंजर व्हीकल मार्केट में सुधार तो हुआ है, लेकिन सस्ती EVs अभी भी कई चुनौतियों का सामना कर रही है। टाटा मोटर्स के एमडी और सीईओ शैलेष चंद्रा के मुताबिक, सरकार के पहले कदमों ने ऑटो सेक्टर को मदद दी है, लेकिन एंट्री-लेवल EVs अभी संघर्ष कर रही हैं।
सरकार पहले से PM E-DRIVE योजना चला रही है। इसके तहत कंपनियों और संस्थानों को फ्लीट EVs खरीदने पर सब्सिडी और वित्तीय मदद दी जाती है। इस योजना के लिए 10,000 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। हालांकि, अभी तक साधारण पैसेंजर इलेक्ट्रिक कारों को सीधे इस योजना में शामिल नहीं किया गया है। अगर बजट 2026 में इसे भी शामिल किया गया, तो इससे आम लोगों तक सस्ती EVs पहुंचने में मदद मिल सकती है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगर बजट में सस्ती और एंट्री-लेवल EVs पर ध्यान दिया गया, तो यह देश के इलेक्ट्रिक वाहन सेक्टर के लिए बड़ा बदलाव साबित हो सकता है। इससे कंपनियों को उत्पादन बढ़ाने, नई तकनीक विकसित करने और रोजगार के अवसर पैदा करने में मदद मिलेगी। सही टैक्स इंसेंटिव और सब्सिडी के साथ, आने वाले सालों में सस्ती EV हर घर तक पहुंच सकती हैं।
कुल मिलाकर, बजट 2026 भारत में आम जनता के लिए सस्ती इलेक्ट्रिक कारों की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकता है। अगर सही कदम उठाए गए, तो इलेक्ट्रिक कारें आम लोगों तक सस्ती और आसानी से पहुंच सकती हैं। इससे न केवल ऑटो सेक्टर को फायदा होगा, बल्कि देश में हरित ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी बड़ा बदलाव आएगा।