Ganga Mai ki Betiyan 10th August 2026/Image Credit: ScreenGrab / Youtube / @TellyChakkar
Ganga Mai ki Betiyan: ‘ZEE TV’ के सबसे लोकप्रिय और पसंदीदा शो ‘गंगा माई की बेटियाँ’ में सोनी और शिवानी की लड़ाई एक उग्र रूप ले लेगी, क्योंकि स्नेहा फैसला करती है कि अब चुप रहना संभव नहीं है।
स्नेहा छात्रों और वहां मौजूद लोगों को शिवानी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में शामिल होने और धमकियों के खिलाफ एकजुट होने के लिए प्रोत्साहित करती है। महात्मा गांधी के अहिंसक आंदोलन की सीख देते हुए वह इस विरोध को एक नई ताकत देती है, साथ ही समझाती है कि अगर लोगों को धमकाने वालों के डर से मुक्त होना है, तो सबको एक होकर लड़ना होगा।
लोगों को स्नेहा और सोनी के इस विरोध प्रदर्शन से जुड़ते देख, गंगा भावुक हो उठती है। सोनी को पहली बार अपनों का साथ महसूस होता है। लेकिन, इस एकजुटता को देखकर इंदु गुस्से से पागल हो उठती है। वह इस शांतिपूर्ण आंदोलन को हिंसक बनाने की योजना बनाती है ताकि सारा दोष स्नेहा और सोनी पर मढ़ दिया जाए।
इन्दु चुपचाप कुछ लोगों को रिश्वत देकर प्रदर्शनकारियों की भीड़ में शामिल कर देती है और उन्हें हिंसा भड़काने का निर्देश देती है। उसकी योजना प्रिंसिपल और शिक्षकों पर पत्थर फिंकवाने की है, ताकि पूरा विरोध प्रदर्शन हिंसक और बेकाबू हो जाए। वे लोग इन्दु के कहे अनुसार कॉलेज प्रशासन पर पथराव शुरू कर देते हैं, जिससे एक शांतिपूर्ण आंदोलन अचानक हिंसक रूप ले लेता है और वहां मौजूद सभी लोग सहम जाते हैं।
अब स्नेहा और सोनी एक गंभीर मुसीबत में फँस जाते हैं क्योंकि हिंसा का सारा दोष प्रदर्शनकारियों पर आने का खतरा है। इंदु की योजना सफल होती नज़र आती है, लेकिन सवाल तो यह उठता है कि क्या स्नेहा को यह एहसास होगा कि किसी ने जानबूझकर हिंसा भड़काई है?
अब यह देखना बहुत ही दिलचस्प होगा कि क्या स्नेहा और सोनी पर पत्थरबाज़ी का आरोप लगेगा या किसी को पता चल पाएगा कि इंदु ने उनके विरोध प्रदर्शन को बर्बाद करने के लिए यह हमला चुपके से करवाया था?