नयी दिल्ली, 10 अगस्त (भाषा) दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को विधानसभा में कैग रिपोर्ट पेश की, जिसके मुताबिक राज्य के सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) में गिरावट का रुझान देखा गया है। इससे पता चलता है कि देश के बाकी प्रदेशों की तुलना में दिल्ली की आर्थिक वृद्धि दर थोड़ी धीमी रही है।
नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की वर्ष 2024-25 के लिए दिल्ली सरकार के वित्त से जुड़ी यह रिपोर्ट आम आदमी पार्टी (आप) के शासनकाल के दौरान शहर की आर्थिक स्थिति, खर्चों, कर्ज और वित्तीय अनुशासन की पड़ताल करती है।
रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में दिल्ली का जीएसडीपी 12.15 लाख करोड़ रुपये रहा, जो इससे पिछले साल के मुकाबले 9.17 प्रतिशत की बढ़त दर्शाता है। वर्ष 2024-25 में भारत की कुल जीडीपी में दिल्ली का योगदान 3.67 प्रतिशत रहा।
वर्ष 2015 से 2025 के 10 साल के दौरान दिल्ली की प्रति व्यक्ति जीएसडीपी की सालाना वृद्धि दर (6.39 प्रतिशत) देश की प्रति व्यक्ति जीडीपी वृद्धि दर (8.14 प्रतिशत) से कम रही।
देश की कुल अर्थव्यवस्था में दिल्ली की हिस्सेदारी पिछले 10 साल में घटी है। वर्ष 2015-16 में देश की कुल जीडीपी में दिल्ली का योगदान चार प्रतिशत था, जो 2024-25 में घटकर 3.67 प्रतिशत पर आ गया। यह दिखाता है कि दिल्ली की वृद्धि दर देश की समग्र आर्थिक रफ्तार से पीछे छूट गई।
रिपोर्ट में कहा गया कि वर्ष 2015-16 में दिल्ली की प्रति व्यक्ति आय देश की औसत प्रति व्यक्ति आय से 177.07 प्रतिशत अधिक थी, जो 2024-25 के अंत में घटकर 135.34 प्रतिशत अधिक रह गई।
रिपोर्ट के मुताबिक, माल एवं सेवा कर (जीएसटी) जैसे कर संग्रह बढ़ने से दिल्ली सरकार की कुल राजस्व प्राप्ति में 9.57 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। हालांकि, गैर-कर राजस्व में गिरावट (-11.04 प्रतिशत) देखी गई और केंद्र सरकार से मिलने वाली सहायता राशि में भी कमी आई।
भाषा पाण्डेय अजय
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