कृषि मंत्रालय सरस आजीविका मेले में एसएचजी को वैज्ञानिक खेती का प्रशिक्षण देगा

कृषि मंत्रालय सरस आजीविका मेले में एसएचजी को वैज्ञानिक खेती का प्रशिक्षण देगा

कृषि मंत्रालय सरस आजीविका मेले में एसएचजी को वैज्ञानिक खेती का प्रशिक्षण देगा
Modified Date: February 19, 2026 / 09:14 pm IST
Published Date: February 19, 2026 9:14 pm IST

गुरुग्राम, 19 फरवरी (भाषा) कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय शनिवार से शुरू हो रहे दो दिवसीय एसएआरएएस (सरस) आजीविका मेले में स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) सदस्यों और ग्रामीण उत्पादकों के लिए वैज्ञानिक खेती पर व्यावहारिक कार्यशाला की एक श्रृंखला आयोजित करेगा।

शनिवार को, भागीदारी गारंटी प्रणाली पंजीकरण पर एक कार्यशाला में एसएचजी किसानों के लिए जैविक प्रमाणीकरण की प्रक्रिया, दस्तावेजीकरण की ज़रूरतें, समूह प्रमाणीकरण प्रक्रिया और प्रमाणीकरण लागत के लिए उपलब्ध सरकारी मदद की जानकारी दी जाएगी।

एक बयान में कहा गया है कि यह सत्र एसएचजी उत्पादकों को सस्ता जैविक प्रमाणीकरण पाने और जैविक उत्पादों के लिए बेहतर बाजार के मौकों तक पहुंचने में मदद करेगा।

अगले दिन, एक मृदा परीक्षण और मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन कार्यशाला में मिट्टी के नमूना संग्रह, मिट्टी परीक्षण प्रक्रिया और मृदा स्वास्थ्य कार्ड के इस्तेमाल पर व्यावहारिक दिशानिर्देश दी जाएगी।

कार्यशाला का मकसद किसानों को मिट्टी के पोषण की स्थिति के आधार पर उर्वरकों के इस्तेमाल में मदद करना, लागत को कम करना और फसल की उत्पादकता में सुधार करना है।

ये कार्यशाला सरस आजीविका मेले में ग्रामीण विकास मंत्रालय की अगुवाई में अंतर-मंत्रालयीय सम्मिलन की कोशिशों का हिस्सा है। इसका मकसद बेहतर खेती के तरीकों और प्रमाणीकरण समर्थन के जरिये स्वयं सहायता समूह वाले परिवारों की खेती से जुड़ी आजीविका को मजबूत करना है। 23 फरवरी को, पशुपालन और डेयरी विभाग एसएचजी के लिए वैज्ञानिक पशुधन प्रबंधन, चारे की योजना एवं डेयरी तथा पॉल्ट्री उपक्रम में मूल्यवर्धन के बारे में प्रशिक्षण देगा।

मेले में 28 राज्यों के स्वयं सहायता समूहों की 900 से ज़्यादा महिला उद्यमी हिस्सा ले रही हैं।

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय


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