एआई से साइबर हमलों की रफ्तार बढ़ी, पर बचाव भी यही करेगा: थेल्स चेयरमैन
एआई से साइबर हमलों की रफ्तार बढ़ी, पर बचाव भी यही करेगा: थेल्स चेयरमैन
(मौमिता बख्शी चटर्जी)
पेरिस, एक अक्टूबर (भाषा) वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनी थेल्स के चेयरमैन एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पैट्रिस कैन ने बृहस्पतिवार को कहा कि कृत्रिम मेधा (एआई) के आने से साइबर हमलों की रफ्तार, दायरा और स्वचालन बढ़ गया है लेकिन यही प्रौद्योगिकी साइबर हमलों से बचाव का महत्वपूर्ण साधन भी बन सकती है।
कैन ने यहां आयोजित ‘थेल्स साइबर समिट 2026’ में कहा कि पहले जिन साइबर हमलों के लिए विशेषज्ञों की टीम की जरूरत होती थी, उन्हें अब एआई आधारित उपकरणों (टूल) की मदद से तेजी से अंजाम दिया जा सकता है। उन्होंने एआई प्रणालियों के बढ़ते स्वायत्त इस्तेमाल को भी चिंता का विषय बताया।
उन्होंने कहा, ‘‘एआई साइबर सुरक्षा के लिए बड़ी चुनौती बना है, लेकिन इससे साइबर हमलों से बचाव में भी मदद मिल सकती है। एआई अपने साथ रफ्तार लेकर आया है और सबकुछ बहुत तेजी से हो जाता है।’’
कैन ने कहा कि एआई अब प्रभावी रूप से एक हथियार बन चुका है। उन्होंने ऐसे मामलों का उल्लेख किया, जिनमें एआई एजेंट का इस्तेमाल साइबर जासूसी के लिए किया गया। उन्होंने कहा कि कुछ मामलों में एआई मॉडल अपने लिए निर्धारित अलग और सुरक्षित परीक्षण परिवेश से बाहर निकल गए।
उन्होंने कहा कि एआई एजेंट और बड़े भाषा मॉडल के बढ़ते इस्तेमाल से कई फायदे हैं, लेकिन इससे साइबर सुरक्षा के लिए नई कमजोरियां भी पैदा हो रही हैं। कैन ने कहा, ‘‘हमें एआई का इस्तेमाल करना है, लेकिन एआई को सुरक्षित भी रखना है।’’
रक्षा, वैमानिकी और साइबर एवं डिजिटल क्षेत्र में सक्रिय कंपनी थेल्स के प्रमुख ने कहा कि साइबर खतरे अब केवल ऑनलाइन अपराधियों तक सीमित नहीं रह गए हैं। सरकारों और महत्वपूर्ण सेवाएं देने वाली कंपनियों को भी निशाना बनाया जा रहा है, ताकि उनकी प्रणालियों तक पहुंच हासिल कर सेवाएं बाधित की जा सकें।
उन्होंने कहा कि हमलावर अक्सर किसी कंपनी की कारोबारी शृंखला की सबसे कमजोर कड़ी को निशाना बनाते हैं। ऐसे में संगठनों को केवल हमले रोकने पर ध्यान देने के बजाय घुसपैठ का जल्द पता लगाने और उसके असर को सीमित करने पर भी ध्यान देना चाहिए।
कैन ने कहा कि साइबर सुरक्षा की चुनौती इसलिए भी बढ़ी है क्योंकि कंपनियां अपने डेटा की सुरक्षा के लिए कई अलग-अलग प्रणालियों का इस्तेमाल करती हैं। इन प्रणालियों के बीच मौजूद कमजोर कड़ियां हमलावरों के लिए अवसर बन सकती हैं।
उन्होंने कहा कि साइबर सुरक्षा अब केवल साइबर सुरक्षा अधिकारियों या सूचना प्रौद्योगिकी विभागों का विषय नहीं रह गई है, बल्कि सरकारों और कंपनियों के शीर्ष प्रबंधन के लिए भी रणनीतिक मुद्दा बन गई है।
कैन ने क्वांटम कंप्यूटिंग से पैदा होने वाले भविष्य के खतरे की तरफ ध्यान दिलाते हुए कहा कि आज सुरक्षित माने जाने वाले एन्क्रिप्टेड डेटा को भविष्य में अधिक शक्तिशाली क्वांटम कंप्यूटर की मदद से डिकोड किए जाने का खतरा है।
इस सम्मेलन में थेल्स ने साइबर सुरक्षा के लिए कुछ समाधान भी पेश किए। इनमें क्वांटम कंप्यूटिंग से पैदा होने वाले खतरे से महत्वपूर्ण डेटा की सुरक्षा के लिए ‘लूना 8’ हार्डवेयर सुरक्षा मॉड्यूल, संवेदनशील डेटा की पहचान करने वाला समाधान तथा एआई आधारित साइबर हमलों से बचाव के लिए नया सॉफ्टवेयर शामिल है।
कंपनी ने गूगल क्लाउड के साथ एक साझेदारी की भी घोषणा की, जिसके तहत एआई एजेंट के इस्तेमाल से जुड़ी गतिविधियों को सुरक्षित बनाने पर काम किया जाएगा।
भाषा प्रेम प्रेम अजय
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