हरित हाइड्रोजन की उपलब्धता से कम होगी इस्पात विनिर्माण में कोयले पर निर्भरता: टाटा स्टील

हरित हाइड्रोजन की उपलब्धता से कम होगी इस्पात विनिर्माण में कोयले पर निर्भरता: टाटा स्टील

  •  
  • Publish Date - September 26, 2023 / 10:14 PM IST,
    Updated On - September 26, 2023 / 10:14 PM IST

नयी दिल्ली, 26 सितंबर (भाषा) भारत में ईंधन के रूप में हरित हाइड्रोजन की उपलब्धता से इस्पात विनिर्माण के लिए कोयले पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी। टाटा स्टील के सीईओ और प्रबंध निदेशक टी वी नरेंद्रन ने मंगलवार को यह बात कही।

उन्होंने यहां अखिल भारतीय प्रबंधन संघ (एआईएमए) के राष्ट्रीय प्रबंधन सम्मेलन में यह बात कही।

नरेंद्रन ने कहा, ”इस्पात बनाने का तरीका बदल रहा है और आगे भी बदलता रहेगा, क्योंकि उद्योग नए संयंत्र लगा रहे हैं… ईंधन के रूप में हाइड्रोजन की उपलब्धता कोयले पर निर्भरता कम करने के लिहाज से महत्वपूर्ण है।’’

उन्होंने कहा कि आने वाले वक्त में मुख्य कच्चे माल के रूप में लौह अयस्क की जगह ‘स्क्रैप’ ले लेगा।

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारत को हरित हाइड्रोजन विनिर्माण के लिए एक वैश्विक केंद्र बनाने के उद्देश्य से जनवरी 2023 में 19,744 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन को मंजूरी दी थी।

भाषा पाण्डेय रमण

रमण