Indore Contaminated Water: ibc24
Kailash Vijayvargiya Apology: इंदौर: इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से 12 लोगों की मौत और 162 लोगों के अस्पताल में भर्ती होने की घटना ने शहर में चिंता की लहर दौड़ा दी है। मृतकों में से 11 के नाम उनके परिजनों द्वारा पुष्टि किए जा चुके हैं। इलाके में लोग भय और असुरक्षा महसूस कर रहे हैं।
बुधवार शाम को स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मोहन यादव इंदौर पहुंचे और उन्होंने अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती मरीजों से मुलाकात की। इसके बाद अधिकारियों के साथ बैठक कर स्थिति की गंभीरता पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि ऐसी कष्टदायक स्थिति फिर कभी न बने और सभी अधिकारी इसके व्यापक प्रबंध में जुट जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि जिम्मेदार बड़े अधिकारियों के खिलाफ रिपोर्ट आने के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।
Kailash Vijayvargiya Apology:हालांकि, इस दौरान मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और मीडिया के बीच विवाद भी सामने आया। अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजनों को इलाज में खर्च का रिफंड न मिलने पर सवाल पूछे जाने पर मंत्री ने पहले अपशब्दों का प्रयोग किया।
Never expected any Indian Journalist to give it back to someone as powerful as Kailash Vijayvargiya, Amit Shah’s man.
Seeing this video of an Indian Journalist questioning and holding power accountable brings hope. @Anurag_Dwary ✊ pic.twitter.com/q8ZrvuRVjf— Mohammed Zubair (@zoo_bear) December 31, 2025
Kailash Vijayvargiya Apology: इसके बाद उन्होंने X (पूर्व Twitter) पर खेद जताते हुए माफी मांगी और कहा कि वह और उनकी टीम लगातार प्रभावित क्षेत्र में स्थिति सुधारने में जुटी हुई हैं। मंत्री ने लिखा, “मैं और मेरी टीम पिछले दो दिनों से बिना सोए प्रभावित क्षेत्र में लगातार स्थिति सुधारने में जुटी हुई है। दूषित पानी से मेरे लोग पीड़ित हैं और कुछ हमें छोड़कर चले गए, इस गहरे दु:ख की अवस्था में मीडिया के एक प्रश्न पर मेरे शब्द गलत निकल गए। इसके लिए मैं खेद प्रकट करता हूँ। लेकिन जब तक मेरे लोग पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ नहीं हो जाते, मैं शांत नहीं बैठूँगा”।
इस घटना के बाद कांग्रेस ने मंत्री विजयवर्गीय का इस्तीफा मांगा। प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने ट्वीट कर लिखा कि न पीड़ितों को मुफ्त इलाज मिल रहा है, न संवेदना, और ऐसे अहंकारी मंत्री के खिलाफ तुरंत नैतिकता के आधार पर इस्तीफा लिया जाना चाहिए।