वर्ष 2026-27 में बिहार को केंद्रीय करों में हिस्सेदारी के रूप में 13,316 करोड़ रुपये अधिक मिलेंगे

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वर्ष 2026-27 में बिहार को केंद्रीय करों में हिस्सेदारी के रूप में 13,316 करोड़ रुपये अधिक मिलेंगे

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  • Publish Date - February 1, 2026 / 08:07 PM IST,
    Updated On - February 1, 2026 / 08:07 PM IST

पटना, एक फरवरी (भाषा) बिहार को वित्त वर्ष 2026-27 में केंद्रीय करों के विभाज्य कोष से हिस्सेदारी के रूप में चालू वित्त वर्ष की तुलना में 13,316 करोड़ रुपये अधिक प्राप्त होंगे। केंद्रीय बजट 2026-27 के दस्तावेज में इसका उल्लेख किया गया है।

बजट दस्तावेज के अनुसार, केंद्रीय करों में हिस्सेदारी के तहत बिहार के लिए वर्ष 2026-27 में 1,51,831 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जबकि वित्त वर्ष 2025-26 में यह राशि 1,38,515 करोड़ रुपये थी।

अर्थशास्त्री डॉ. सुधांशु कुमार ने बताया कि वित्त आयोग की अनुशंसा के अनुसार राज्यों को केंद्रीय करों में हिस्सेदारी मिलती है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय करों की वसूली में लगातार वृद्धि हो रही है, जिसके परिणामस्वरूप राज्यों को मिलने वाली राशि में साल-दर-साल इजाफा हो रहा है।

उन्होंने पिछले पांच वर्षों में बिहार के लिए किए गए प्रावधानों का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2021-22 में यह राशि 86,942 करोड़ रुपये थी, जो 2022-23 में बढ़कर 97,767.28 करोड़ रुपये, 2023-24 में 1,14,289 करोड़ रुपये, 2024-25 में 1,28,151.10 करोड़ रुपये और 2025-26 में 1,38,515 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।

उल्लेखनीय है कि केंद्रीय वित्त मंत्री के साथ हुई बजट पूर्व बैठक में बिहार के वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने उपकर (सेस) और अधिभारों (सरचार्ज) में भी राज्यों की हिस्सेदारी की मांग की थी। उन्होंने तर्क दिया था कि उपकर और अधिभार की हिस्सेदारी वर्ष 2011-12 के 10.4 प्रतिशत से बढ़कर वर्तमान में 13.6 प्रतिशत हो गई है।

उन्होंने कहा था कि चूंकि उपकर और अधिभार केंद्र के विभाज्य कोष का हिस्सा नहीं होते, इसलिए बिहार जैसे राज्यों को उनके संवैधानिक हिस्से का नुकसान हो रहा है। इस कारण इन्हें भी विभाज्य कोष के दायरे में लाया जाना चाहिए। हालांकि, उपकर और अधिभार को इस बजट में भी विभाज्य कोष का हिस्सा नहीं बनाया गया है।

भाषा कैलाश

नोमान अजय

अजय