नयी दिल्ली, एक फरवरी (भाषा) वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को भविष्य निधि या पीएफ ट्रस्ट के प्रावधानों को तर्कसंगत बनाने का प्रस्ताव दिया। इसके तहत नियोक्ता के योगदान पर समानता और प्रतिशत आधारित सीमाओं की अनिवार्यता को खत्म कर दिया गया है।
इस पहल का मकसद कर्मचारियों के भविष्य निधि (पीएफ) खातों में नियोक्ताओं के योगदान को सरल बनाकर कारोबारी सुगमता को बढ़ावा देना है। इस समय कुछ ऐसे पीएफ ट्रस्ट हैं, जिन्हें सेवानिवृत्ति निधि संभालने वाली संस्था ईपीएफओ और आयकर विभाग से मान्यता प्राप्त है।
इन ट्रस्ट के नियोक्ता कुछ सीमाओं के तहत पीएफ खातों में अपने कर्मचारियों के योगदान की तुलना में कम या अधिक राशि का योगदान करते थे।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित परिवर्तनों का उद्देश्य प्रशासनिक कामकाज को आसान बनाना और इन पीएफ ट्रस्ट को नियंत्रित करने के लिए एकल नियामक स्थापित करना है।
भाषा पाण्डेय अजय
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