कैट का ई-फार्मेसी कंपनियों पर औषधि व सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम के उल्लंघन का आरोप

कैट का ई-फार्मेसी कंपनियों पर औषधि व सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम के उल्लंघन का आरोप

कैट का ई-फार्मेसी कंपनियों पर औषधि व सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम के उल्लंघन का आरोप
Modified Date: November 29, 2022 / 08:38 pm IST
Published Date: March 20, 2021 2:01 pm IST

नयी दिल्ली, 20 मार्च (भाषा) व्यापारियों के संगठन कनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने ई-फार्मेसी कंपनियों पर औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। संगठन ने इस संबंध में सरकार को एक पत्र लिखकर कहा है कि इससे लाखों खुदरा दवा दुकानदारों को नुकसान हो रहा है।

कैट ने वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल, स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को इस मुद्दे पर पत्र पर लिखा।

कैट ने गोयल को लिखे पत्र में कहा, ‘‘यह नोट करना महत्वपूर्ण है कि ऑनलाइन माध्यम से दवाओं की बिक्री अवैध है। औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम 1940 के तहत कानूनी व्यवस्था, पर्चे वाली दवाओं की होम डिलिवरी की अनुमति नहीं देती है।’’

संगठन ने दावा किया कि ई-फार्मेसी कंपनियों की बाजार बिगाड़ने वाली कीमतों से खुदरा दवा दुकानदारों को नुकसान हो रहा है।

कैट ने कहा कि मेडलाइफ और 1एमजी जैसी ई-फार्मेसी कंपनियां करीब 40-45 प्रतिशत की छूट देकर बाजार को खराब करने वाली नीतियां अपना रही हैं।

भाषा सुमन अजय

अजय


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