नयी दिल्ली, 29 जून (भाषा) विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने कहा है कि पश्चिम एशिया को भेजी जाने वाली निर्यात खेप पर भुगतान में चूक के खिलाफ बढ़ा हुआ बीमा कवरेज 30 सितंबर तक जारी रहेगा।
एक अधिसूचना के अनुसार, इससे पहले यह बढ़ा हुआ कवर उन निर्यातकों के लिए 16 मार्च से 15 जून के बीच भेजी गई खेपों पर लागू था, जो एक्सपोर्ट क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (ईसीजीसी) के तहत क्रेडिट जोखिम बीमा लेते हैं।
डीजीएफटी ने कहा कि निर्यात संवर्धन मिशन (ईपीएम) के ‘रिलीफ’ (लॉजिस्टिक्स और जोखिम सहायता) के दूसरे हिस्से के तहत यह सुविधा अब 30 सितंबर, 2026 तक जारी रहेगी। इसका उद्देश्य भारतीय निर्यातकों को मदद देना और पश्चिम एशिया के मौजूदा संकट के कारण होने वाली परिवहन और आपूर्ति संबंधी समस्याओं को कम करना है।
यह व्यवस्था विशेष रूप से खाड़ी देशों, पश्चिम एशिया और उत्तरी अफ्रीका को होने वाले निर्यात को ध्यान में रखकर लागू की गई है।
रिपोर्ट के अनुसार, यह बढ़ा हुआ जोखिम कवरेज 19 मार्च को शुरू की गई योजना का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य युद्ध और क्षेत्रीय अस्थिरता के बीच निर्यातकों को राहत देना है।
भाषा योगेश अजय
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