केंद्र का राजकोषीय घाटा फरवरी तक 2025-26 के बजट लक्ष्य के 80.4 प्रतिशत पर

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केंद्र का राजकोषीय घाटा फरवरी तक 2025-26 के बजट लक्ष्य के 80.4 प्रतिशत पर

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  • Publish Date - March 30, 2026 / 07:51 PM IST,
    Updated On - March 30, 2026 / 07:51 PM IST

नयी दिल्ली, 30 मार्च (भाषा) केंद्र का राजकोषीय घाटा फरवरी में 2025-26 के बजट लक्ष्य का 12.52 लाख करोड़ रुपये यानी 80.4 प्रतिशत रहा है। एक साल पहले इसी अवधि में यह 85.8 प्रतिशत था। सोमवार को जारी सरकारी आंकड़ों से यह जानकारी मिली।

केंद्र सरकार ने 2025-26 में राजकोषीय घाटा (व्यय और राजस्व के बीच का अंतर) सकल घरेलू उत्पाद के 4.4 प्रतिशत यानी 15.58 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान रखा है।

महालेखा नियंत्रक (सीजीए) के आंकड़ों के अनुसार, फरवरी, 2026 के अंत तक केंद्र की कुल प्राप्तियां 27.91 लाख करोड़ रुपये रहीं, जो बजट लक्ष्य का 82 प्रतिशत है।

इन प्राप्तियों में 21.45 लाख करोड़ रुपये का कर राजस्व (शुद्ध) और 5.8 लाख करोड़ रुपये का गैर-कर राजस्व शामिल है।

महालेखा नियंत्रक ने बताया कि इस अवधि के दौरान केंद्रीय करों में हिस्सेदारी के तहत राज्यों 12.66 लाख करोड़ रुपये दिए गए, जो पिछले वर्ष की तुलना में 85,837 करोड़ रुपये अधिक है।

सीजीए के आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष में अप्रैल-फरवरी के दौरान केंद्र सरकार का कुल व्यय 40.44 लाख करोड़ रुपये रहा, जो पूरे वित्त वर्ष के बजट लक्ष्य का 81.5 प्रतिशत है।

कुल व्यय में से 31.15 लाख करोड़ रुपये राजस्व खाते पर और 9.29 लाख करोड़ रुपये पूंजी खाते पर खर्च किए गए।

कुल राजस्व व्यय में से 10.65 लाख करोड़ रुपये ब्याज भुगतान पर और 3.89 लाख करोड़ रुपये प्रमुख सब्सिडी पर खर्च किए गए।

इस बारे में इक्रा की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा कि केंद्र सरकार का राजकोषीय घाटा कम होकर 2025-26 के संशोधित बजट अनुमान के 80.4 प्रतिशत पर रहा, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 13.5 लाख करोड़ रुपये था। इसका मुख्य कारण राजस्व घाटे में कमी है। हालांकि, पूंजीगत व्यय में 15 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

भाषा रमण अजय

अजय