Vishnu Ke Sushasan: डिजिटल होगा बस्तर-सरगुजा समेत पूरा छत्तीसगढ़.. सीएम साय के ‘मुख्यमंत्री मोबाइल टॉवर योजना’ से मिलेगी संचार को नई गति

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Mukhyamantri Mobile Tower Yojana: छत्तीसगढ़ सरकार ने मोबाइल टावर योजना शुरू की, बस्तर-सरगुजा में डिजिटल कनेक्टिविटी बढ़ेगी, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार को मिलेगा लाभ।

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  • Publish Date - February 20, 2026 / 09:02 PM IST,
    Updated On - February 20, 2026 / 09:02 PM IST

Chhattisgarh Mukhyamantri Mobile Tower Yojana || Image- Symbolic (Canva)

HIGHLIGHTS
  • बस्तर-सरगुजा में मोबाइल नेटवर्क पहुंचेगा
  • डिजिटल शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा में सुधार
  • रोजगार, व्यापार और सरकारी योजनाओं का लाभ

रायपुर: तेजी से विकास और औद्योगिकीकरण की दिशा में कदम बढ़ा रहे छत्तीसगढ़ की पहचान अब डिजिटल क्रान्ति के लिए भी होगी। (Mukhyamantri Mobile Tower Yojana) सीएम साय छत्तीसगढ़ प्रदेश में इस नई और महत्वपूर्ण बदलाव के लिए संकल्पित है और इंहिबाँ संकल्पो के साथ उन्होंने उन्होंने मुख्यमंत्री मोबाइल टॉवर योजना की शुरुआत भी की थी।

छत्तीसगढ़ सरकार ने 5,000 से अधिक मोबाइल टावर लगाने की योजना बनाई है, खासकर आदिवासी बहुल सरगुजा और बस्तर क्षेत्रों में। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अधिकारियों को मोबाइल टावर और फाइबर ऑप्टिक नेटवर्क की स्थापना में तेजी लाने का निर्देश दिया है, विशेष रूप से बस्तर और सरगुजा जैसे दूरस्थ और कम विकसित क्षेत्रों में।

‘विकसित छत्तीसगढ़ 2047’ की परिकल्पना का एक प्रमुख स्तंभ

सीएम साई ने डिजिटल परिवर्तन के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ रोडमैप के अनुरूप ‘विकसित छत्तीसगढ़ 2047’ की परिकल्पना का एक प्रमुख स्तंभ बताया। मुख्यमंत्री ने कहा है कि कुशल, पारदर्शी और सुलभ शासन सुनिश्चित करने के लिए राज्य भर में डिजिटल बुनियादी ढांचे को मजबूत करना आवश्यक है। (Mukhyamantri Mobile Tower Yojana) उन्होंने कहा कि ई-डिस्ट्रिक्ट 2.0 के तहत, सरकार अपनी वर्तमान 85 ऑनलाइन सेवाओं का विस्तार करेगी और जल्द ही इसके अंतर्गत 250 और ऑफलाइन सेवाएं जोड़ेगी, जिससे नागरिक घर बैठे ही महत्वपूर्ण योजनाओं और सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को डिजिटल विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए राज्य डेटा सेंटर को टियर-III मानकों के अनुरूप अपग्रेड करने का भी निर्देश दिया।

पिछले साल के आखिर में सीएम के प्रयासों से केंद्र सरकार ने डिजिटल भारत निधि कोष के तहत छत्तीसगढ़ में 513 नए 4जी मोबाइल टावर लगाने को मंजूरी दे दी थी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साई ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह राज्य के नक्सल प्रभावित और दूरदराज के क्षेत्रों में शांति, सुरक्षा और विकास को बहाल करने के संयुक्त प्रयासों का एक महत्वपूर्ण परिणाम है।

ई-गवर्नेंस सेवाओं का विस्तार

यह निर्णय माओवादी उन्मूलन की दिशा में जारी प्रभावी प्रयासों में एक महत्वपूर्ण कड़ी है। उन्होंने एक बयान में कहा कि जिन क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की निरंतर कार्रवाई और प्रशासनिक समन्वय के माध्यम से स्थिरता स्थापित हो चुकी है, वहां अब डिजिटल कनेक्टिविटी के विकास और विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में 4 फरवरी को नवा रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन में राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में साय कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ में डिजिटल अवसंरचना को विस्तार देने के लिए मोबाइल टॉवर योजना का अनुमोदन किया गया है। भौगोलिक विषमता और वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में मोबाइल कनेक्टिविटी सीमित होने से शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन बाधित हो रहा है।

इस योजना से मोबाइल टावर स्थापना हेतु चयनित सेवा प्रदाताओं को अनुमति और प्रशासनिक स्वीकृतियों की प्रक्रिया को सरल और समयबद्ध किया जाएगा। कैबिनेट की बैठक के बाद डिप्टी सीएम अरुण साव ने कहा कि डिजिटल कनेक्टिविटी से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी। (Mukhyamantri Mobile Tower Yojana) ई-गवर्नेंस सेवाओं का विस्तार होगा। सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। योजना से सुरक्षा व्यवस्था में भी सुधार होगा विशेष कर वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित क्षेत्रों में संचार सुविधा उपलब्ध होने से प्रशासनिक कार्य में पारदर्शिता और दक्षता आएगी।

‘मुख्यमंत्री मोबाइल टावर योजना’ से बदलेगी राज्य की तस्वीर

  • दूरदराज इलाकों में नेटवर्क कनेक्टिविटी- माओवाद प्रभावित और वनांचल क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क पहुंचेगा, जिससे लोगों को पहली बार स्थिर कॉल और इंटरनेट सुविधा मिलेगी।
  • शिक्षा को बढ़ावा- छात्र-छात्राओं को ऑनलाइन पढ़ाई, डिजिटल क्लास और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मदद मिलेगी।
  • स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार- टेलीमेडिसिन और ऑनलाइन परामर्श से गांवों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
  • सुरक्षा व्यवस्था मजबूत- मोबाइल नेटवर्क बढ़ने से प्रशासन और सुरक्षा बलों की निगरानी क्षमता बढ़ेगी, (Mukhyamantri Mobile Tower Yojana) जिससे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा बेहतर होगी।
  • रोजगार और व्यापार के अवसर- इंटरनेट पहुंचने से स्थानीय लोग ऑनलाइन काम, ई-कॉमर्स और छोटे व्यवसाय शुरू कर सकेंगे।
  • सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे- डिजिटल कनेक्टिविटी से लोगों को सरकारी योजनाओं, बैंकिंग और DBT (Direct Benefit Transfer) का लाभ आसानी से मिलेगा।
  • पर्यटन को बढ़ावा- नेटवर्क सुविधा बेहतर होने से बस्तर और सरगुजा के पर्यटन स्थलों तक पहुंच और जानकारी आसान होगी, जिससे पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी।
  • डिजिटल जागरूकता में वृद्धि- ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में डिजिटल साक्षरता बढ़ेगी, जिससे लोग तकनीक के प्रति जागरूक और आत्मनिर्भर बनेंगे।

इस तरह यह योजना बस्तर और सरगुजा जैसे पिछड़े और दूरस्थ क्षेत्रों को डिजिटल रूप से जोड़कर विकास की मुख्यधारा में लाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

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Q1. मुख्यमंत्री मोबाइल टावर योजना का उद्देश्य क्या है?

बस्तर-सरगुजा में डिजिटल कनेक्टिविटी बढ़ाकर ग्रामीण विकास और सरकारी सेवाएं आसान बनाना।

Q2. इस योजना से किन क्षेत्रों को लाभ मिलेगा?

माओवादी प्रभावित और दूरस्थ आदिवासी बहुल क्षेत्रों को प्राथमिक रूप से लाभ मिलेगा।

Q3. मोबाइल नेटवर्क से राज्य में कौन-कौन से क्षेत्र सुधरेंगे?

शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, रोजगार, व्यापार और सरकारी योजना वितरण क्षेत्र।