असम, मेघालय के मुख्यमंत्रियों की पूर्वोत्तर में ईएपी परियोजनाओं को गति देने की मांग

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असम, मेघालय के मुख्यमंत्रियों की पूर्वोत्तर में ईएपी परियोजनाओं को गति देने की मांग

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  • Publish Date - September 9, 2026 / 08:07 PM IST,
    Updated On - September 9, 2026 / 08:07 PM IST

गुवाहाटी/शिलांग, नौ सितंबर (भाषा) असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा और मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड के. संगमा ने बुधवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात कर पूर्वोत्तर में बाह्य सहायता-प्राप्त परियोजनाओं (ईएपी) को गति देने की मांग की।

शर्मा ने कहा कि बैठक के दौरान पूर्वोत्तर क्षेत्र में पूंजीगत व्यय बढ़ाने और ईएपी परियोजनाओं के जरिये भौतिक एवं सामाजिक बुनियादी ढांचे के लिए निवेश के नए माध्यम विकसित करने पर चर्चा हुई।

उन्होंने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि दोनों मुख्यमंत्रियों ने अपने-अपने राज्यों में ईएपी की गति को नया प्रोत्साहन देने का जोरदार आग्रह किया। इससे भौतिक और सामाजिक बुनियादी ढांचे के लिए निवेश के नए माध्यम खुलेंगे।

शर्मा ने कहा कि सीतारमण ने प्रस्तावों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और दोनों मुख्यमंत्रियों को क्षेत्र के विकास के एजेंडा को आगे बढ़ाने के लिए केंद्र की ओर से नए सिरे से प्रयास का आश्वासन दिया।

वहीं, संगमा ने एक अलग पोस्ट में कहा कि उन्होंने असम के मुख्यमंत्री के साथ केंद्रीय वित्त मंत्री से मुलाकात कर ईएपी परियोजनाओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की।

मेघालय के वित्त विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि संगमा ने ईएपी के तहत राज्य के लिए 10,000 करोड़ रुपये के अतिरिक्त आवंटन की मांग रखी।

यह मांग संगमा के कुछ सप्ताह पहले दिए गए उस बयान के बाद आई है जिसमें उन्होंने कहा था कि मेघालय ईएपी के तहत अपना आवंटन बढ़ाने की मांग कर रहा है। यह आवंटन पिछले वित्त आयोग से 5,000 करोड़ रुपये पर बना हुआ है।

संगमा ने पहले कहा था कि राज्य ईएपी आवंटन को बढ़ाकर 15,000 करोड़ रुपये करने की मांग कर रहा है। इसके लिए शुरुआती तौर पर मौजूदा सीमा को दोगुना कर 10,000 करोड़ रुपये करने का अनुरोध किया गया है।

उन्होंने कहा था कि मेघालय ने ईएपी के क्रियान्वयन में अच्छा प्रदर्शन किया है और इन परियोजनाओं के लिए कर्ज का 90 प्रतिशत केंद्र सरकार वहन करती है।

यह बैठक ऐसे समय हुई है जब असम और मेघालय पूर्वोत्तर में बुनियादी ढांचे के विकास को गति देने और क्षेत्र की आर्थिक वृद्धि के लिए अधिक निवेश जुटाने की कोशिश कर रहे हैं।

भाषा प्रेम

प्रेम अजय

अजय