नयी दिल्ली, 16 सितंबर (भाषा) कोयला मंत्रालय बृहस्पतिवार को वाणिज्यिक कोयला खदान नीलामी का 16वां दौर शुरू करेगा। इसका मकसद इस क्षेत्र में ज्यादा रोजगार पैदा करना और नया निवेश लाना है।
मंत्रालय ने बुधवार को बयान में कहा कि इस नए दौर में पूरी तरह से और आंशिक रूप से खोजी गई कोयला खदानों (ब्लॉक) की पेशकश की जाएगी।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2020 में वाणिज्यिक कोयला खनन की शुरुआत की थी।
बयान में कहा गया, ‘‘उम्मीद है कि 16वां दौर और कोयला खदानों को उत्पादन में लाकर और अधिक रोजगार पैदा करके और क्षेत्र में नया निवेश लाकर इस प्रगति को आगे बढ़ाएगा।’’
पिछले छह वर्षों में, पूरे हो चुके 15 दौर में 147 कोयला खदानों की सफलतापूर्वक नीलामी की गई है, जिससे 44 नई कंपनियां इस क्षेत्र में आई हैं।
नीलामी में बेची गई खदानों से सालाना लगभग 47,500 करोड़ रुपये का राजस्व मिलने, लगभग 55,000 करोड़ रुपये का पूंजी निवेश आने और कोयला संपन्न राज्यों में लगभग 4.9 लाख रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
मंत्रालय ने कहा कि यह व्यवस्था आसान शर्तों के तहत काम करती रहेगी, जिसमें अंतिम उपयोग पर कोई पाबंदी नहीं है, स्वत: मंजूर मार्ग से 100 प्रतिशत एफडीआई की अनुमति है और कम शुरुआती भुगतान की सुविधा है जिसे भविष्य के राजस्व हिस्से के साथ समायोजित किया जा सकता है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, मार्च, 2026 तक निजी और वाणिज्यिक खदानों से भारत का कोयला उत्पादन 21 करोड़ 4.6 लाख टन तक पहुंच गया, जो इससे पिछले वित्त वर्ष के 19 करोड़ 9.5 लाख टन की तुलना में 10.22 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि है।
वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान, खान शुरू करने की अनुमति (एमओपी) देकर 12 निजी और वाणिज्यिक कोयला खदानों को चालू किया गया, जिससे 8.6 करोड़ टन से अधिक की सालाना उत्पादन क्षमता जुड़ने के साथ चालू कोयला खनन का आधार काफी बढ़ गया।
वर्ष 2023-24 में कोयला उत्पादन 14 करोड़ 71.1 लाख टन था और 2022-23 में 11 करोड़ 57.8 लाख टन था।
भाषा राजेश राजेश अजय
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