नयी दिल्ली, 16 सितंबर (भाषा) रुपया बुधवार को लगातार सातवें कारोबारी सत्र में कमजोर रहा और तीन पैसे टूटकर 95.91 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। अमेरिकी डॉलर में मजबूती और विदेशी पूंजी की निकासी से घरेलू मुद्रा पर दबाव है।
विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि घरेलू शेयर बाजार में तेजी ने रुपये की गिरावट को सीमित किया।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 95.89 प्रति डॉलर पर खुला। कारोबार के दौरान यह 95.85 से 95.98 प्रति डॉलर के दायरे में रहा। अंत में यह तीन पैसे की गिरावट के साथ 95.91 प्रति डॉलर पर बंद हुआ।
रुपया मंगलवार को 34 पैसे टूटकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.88 पर बंद हुआ था। इससे पहले के लगातार पांच कारोबारी सत्रों में इसमें 113 पैसे यानी एक प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई थी। चार सितंबर को रुपया 94.43 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।
मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा, “कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और अमेरिकी बॉण्ड पर बढ़ते प्रतिफल ने भी रुपये पर दबाव डाला। कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से आयातकों की डॉलर की मांग बढ़ी है। हालांकि, घरेलू बाजारों में तेजी ने गिरावट को सीमित किया।”
उन्होंने कहा कि डॉलर के मुकाबले रुपये का हाजिर भाव 95.75 से 96.20 के दायरे में रहने के आसार हैं।
इस बीच, दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.04 प्रतिशत बढ़कर 99.38 पर रहा।
अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट कच्चा तेल का भाव वायदा कारोबार में 1.14 प्रतिशत टूटकर 107.51 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। हालांकि, अब भी इसकी कीमत ऊंची बनी हैं।
घरेलू शेयर बाजार में सेंसेक्स 332.63 अंक चढ़कर 74,336.45 अंक पर जबकि निफ्टी 99 अंक की बढ़त के साथ 23,217.60 अंक पर बंद हुआ।
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) बाजार में शुद्ध बिकवाल थे। उन्होंने बुधवार को शुद्ध रूप से 2,032.61 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
भाषा राजेश राजेश अजय
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