मुंबई, 14 जुलाई (भाषा) भारतीय कंपनियों द्वारा बाह्य वाणिज्यिक उधारी (ईसीबी) मार्ग के जरिये विदेशी स्रोतों से धन जुटाने के प्रस्ताव मई में मासिक आधार पर 25.8 प्रतिशत बढ़कर 4.74 अरब डॉलर हो गए। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
ईसीबी पात्र भारतीय संस्थाओं द्वारा मान्यताप्राप्त गैर-निवासी संस्थाओं से लिया गया वाणिज्यिक ऋण होता है।
अप्रैल महीने में कुल ईसीबी आवेदन मासिक आधार पर 30.69 प्रतिशत घट गए थे।
आरबीआई के आंकड़ों के मुताबिक, मई 2026 में कुल ईसीबी प्रस्ताव 4.74 अरब डॉलर का रहा जो अप्रैल 2026 में 3.77 अरब डॉलर था। इस माह में सभी प्रस्ताव सामान्य अनुमति के तहत आए थे, जबकि विशेष अनुमति के तहत कोई प्रस्ताव नहीं आया।
आलोच्य माह में आरबीआई के पास प्रस्ताव दाखिल करने वाली प्रमुख कंपनियों में भारतीय रेल वित्त निगम (1.11 अरब डॉलर), एनटीपीसी (75 करोड़ डॉलर) और किसेत्सु सेजन फाइनेंस इंडिया (49.91 करोड़ डॉलर के दो प्रस्ताव) शामिल हैं।
अन्य कंपनियों में आरईसी (मौजूदा ईसीबी के पुनर्वित्त के लिए 30 करोड़ डॉलर) और इक्विनिक्स इंडिया (मौजूदा इकाइयों के आधुनिकीकरण/विस्तार के लिए 24 करोड़ डॉलर) शामिल हैं।
वहीं, रुपये में जारी बॉन्ड (आरडीबी) के लिए मई में कुल फाइलिंग 73.22 लाख डॉलर रही, जिसमें केवल एक कंपनी सहृदय हेल्थ-केयर ने प्रस्ताव दाखिल किया।
भाषा प्रेम प्रेम रमण
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