नयी दिल्ली, छह जनवरी (भाषा) भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) के महानिदेशक, संजय गर्ग ने मंगलवार को कहा कि अगर देश को वर्ष 2047 तक विकसित देश बनना है तो वह उत्पादन और सेवाओं की गुणवत्ता को नजरअंदाज नहीं कर सकता।
बीआईएस के 79वें स्थापना दिवस के मौके पर उन्होंने यह भी कहा कि ब्यूरो जरूरी बुनियादी ढांचा बनने के बाद ही चांदी आभूषण के लिए हॉलमार्किंग को जरूरी बनाने पर विचार करेगा।
गर्ग ने कहा, ‘‘अपनी शुरुआत से ही, बीआईएस ने एक ही मकसद से काम किया है कि हर नागरिक को सुरक्षित, भरोसेमंद और गुणवत्ता वाले उत्पाद मिलें।’’
उन्होंने कहा कि बीआईएस इस मकसद को पाने के लिए उद्योग का समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध है।
गर्ग ने कहा, ‘‘गुणवत्ता एक विकसित और विकासशील देश के बीच सबसे बड़ा निर्धारक तत्व है।’’
बीआईएस महानिदेशक ने कहा कि जब कोई किसी विकसित देश में जाता है, तो सबसे बड़ी बात गुणवत्ता में अंतर का होता है, चाहे वह बुनियादी ढांचा हो, राजकाज हो, नागरिक सुविधाएं हों, स्वास्थ्य सेवायें हों या आतिथ्य सेवायें हों।
गर्ग ने कहा, ‘‘गुणवत्ता ही एकमात्र ऐसी चीज है जो एक विकसित और विकासशील देश में अंतर करती है। इसलिए अगर भारत को वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनना है, तो भारत गुणवत्ता को नजरअंदाज नहीं कर सकता और इसलिए मानकों को भी नजरअंदाज नहीं कर सकता।’’
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