नयी दिल्ली, नौ जुलाई (भाषा) दिल्ली सरकार निजी जमीन पर उगाए जाने वाले पांच वाणिज्यिक पेड़ों की कटाई की प्रक्रिया को आसान बनाकर कृषि-वानिकी (एग्रो-फॉरेस्ट्री) को बढ़ावा देने की योजना बना रही है। अधिकारियों का कहना है कि इन प्रस्तावित बदलावों से ज्यादा किसानों को वाणिज्यिक पेड़ लगाने के लिए बढ़ावा मिलेगा।
पीटीआई-भाषा को मिली एक अधिसूचना के मसौदे में ‘दिल्ली पेड़ों का संरक्षण (कृषि-वानिकी और छूट प्राप्त वृक्ष प्रजातियां) नियम, 2026’ का प्रस्ताव है। इसके तहत पॉपुलर, सफेदा (यूकेलिप्टस), सहजन (मोरिंगा), गमारी और मालाबार नीम की कटाई की प्रक्रिया को आसान बनाया जाएगा।
वन विभाग ने इन नियमों को अंतिम रूप देने से पहले 30 जुलाई तक इन पर राय, सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं।
इस मामले की जानकारी रखने वाले एक अधिकारी ने पीटीआई-भाषा को बताया, ‘‘इसका मकसद दिल्ली में कृषि-वानिकी को बढ़ावा देना है। किसान और निजी जमीन मालिक अक्सर वाणिज्यिक पेड़ उगाने से हिचकिचाते हैं क्योंकि पेड़ बड़े होने पर उनकी कटाई की प्रक्रिया बहुत मुश्किल होती है। प्रक्रिया को आसान बनाकर, हम ज्यादा पेड़ लगाने, हरियाली बढ़ाने और किसानों की आय बढ़ाने की उम्मीद करते हैं।’’
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