मुंबई, नौ जुलाई (भाषा) कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने बृहस्पतिवार को कहा कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शप) प्रमुख शरद पवार की महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मुलाकात को लेकर शिवसेना (उबाठा) का नाराज होना स्वाभाविक है, लेकिन नेताओं के बीच व्यक्तिगत स्तर पर सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखने में कुछ भी गलत नहीं है।
चव्हाण का यह बयान तब आया है जब एक दिन पहले शरद पवार ने मुंबई के विधान भवन परिसर में एकनाथ शिंदे के कार्यालय में अपनी पार्टी के विधायकों से मुलाकात की थी।
महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा विवाद पर आयोजित बैठक में शामिल होने के बाद, विपक्षी महा विकास आघाडी (एमवीए) के घटक दल राकांपा (शप) के प्रमुख पवार ने शिंदे के कक्ष में जाकर उनसे ‘शिष्टाचार मुलाकात’ की थी।
हालांकि, दोनों नेताओं की यह मुलाकात एमवीए के सहयोगी दल शिवसेना (उबाठा) को रास नहीं आई। पार्टी के प्रवक्ता संजय राउत ने कहा कि उनकी पार्टी इस घटनाक्रम से आहत और परेशान है।
उन्होंने यह भी कहा था कि इस तरह के कदम से शरद पवार जैसे वरिष्ठ नेता की विश्वसनीयता प्रभावित होती है और यह ‘गद्दारों का महिमामंडन’ करने जैसा है।
दिल्ली में ‘पीटीआई वीडियो’ से बातचीत में चव्हाण ने कहा, ‘‘राजनीति में, खासकर विधानसभा के भीतर, हम व्यक्तिगत दुश्मन नहीं होते। हमारी विचारधाराएं अलग होती हैं, हम एक-दूसरे की कड़ी आलोचना करते हैं और सदन के भीतर एक-दूसरे के खिलाफ बोलते हैं, लेकिन सदन से बाहर निकलने के बाद व्यक्तिगत स्तर पर हमारे सौहार्दपूर्ण संबंध होते हैं।’’
उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली राजग सरकार के दौरान संसद में अपने कार्यकाल को याद करते हुए कहा कि उस समय अलग-अलग दलों के नेताओं के बीच अच्छे व्यक्तिगत संबंध होते थे और राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों की मुलाकात को असामान्य नहीं माना जाता था।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि शरद पवार जैसे वरिष्ठ नेता एकनाथ शिंदे से कई कारणों से मिल सकते हैं, जैसे उन्हें कोई सलाह देना या किसी सामान्य विषय पर चर्चा करना।
चव्हाण ने कहा, ‘हालांकि, यह स्वाभाविक है कि इस मुलाकात से शिवसेना (उबाठा) आहत हुई हो, क्योंकि जिनसे पवार मिले, उन्हें शिवसेना (उबाठा) अपनी पार्टी को तोड़ने और नुकसान पहुंचाने का जिम्मेदार मानती है। ऐसे व्यक्ति से मिलना और उसे सम्मान देना उन्हें दुख पहुंचा सकता है। इसलिए मैं संजय राउत के बयान को समझ सकता हूं।’’
हालांकि, उन्होंने इस मुलाकात के उद्देश्य पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
भाषा शोभना सुरेश
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