पटना, 29 सितंबर (भाषा) बिहार विधान परिषद के उपसभापति और जनता दल-यूनाइटेड (जदयू) के वरिष्ठ नेता राम वचन राय 28 सितंबर से सदन के सभापति के कार्यों का निर्वहन करेंगे। भाजपा नेता अवधेश नारायण सिंह के सभापति पद से इस्तीफा देने के बाद यह व्यवस्था की गई है।
विधान परिषद सचिवालय की ओर से मंगलवार को जारी अधिसूचना के मुताबिक, जुलाई 2024 से परिषद के उपसभापति के रूप में कार्यरत राय ने अब सभापति के कार्यों का निर्वहन शुरू कर दिया है।
बिहार विधान परिषद के सचिव शिव गोपाल मिश्रा की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि यह व्यवस्था संविधान के अनुच्छेद 184(1) के तहत की गई है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता अवधेश नारायण सिंह ने सोमवार को बिहार विधान परिषद के सभापति पद से इस्तीफा दे दिया था। उनके इस्तीफे को भाजपा और उसकी सहयोगी पार्टी जदयू के बीच सत्ता में हिस्सेदारी के तहत हुए समझौते से जोड़कर देखा जा रहा है।
सिंह ने जदयू के वरिष्ठ नेता देवेश चंद्र ठाकुर के बाद सभापति का पद संभाला था। ठाकुर के सीतामढ़ी से लोकसभा के लिए निर्वाचित होने के बाद सभापति का पद रिक्त हुआ था।
इस बीच, बिहार सरकार में ग्रामीण विकास और सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के मंत्री तथा जदयू विधायक दल के नेता श्रवण कुमार ने मंगलवार को कार्यकारी सभापति का दायित्व संभालने पर राय को बधाई दी।
कुमार ने विधान परिषद के सभापति के कार्यालय कक्ष में जाकर राय का स्वागत और अभिनंदन किया तथा उन्हें नयी जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं।
कुमार ने कहा कि राय अतिपिछड़ा समाज से आते हैं और बिहार विधान परिषद में इस समाज से सभापति बनने वाले दूसरे व्यक्ति हैं। उन्होंने कहा कि राय के पास राजनीतिक, शैक्षणिक और विधायी कार्यों का लंबा अनुभव है और बिहार विधान मंडल के उच्च सदन के महत्वपूर्ण पद पर उनका आसीन होना बिहार की विधायी यात्रा में एक अहम पड़ाव है।
राय राज्यपाल कोटे से बिहार विधान परिषद के सदस्य बने थे। इससे पहले वह परिषद में कई महत्वपूर्ण दायित्व निभा चुके हैं। वर्ष 2015 में उन्हें विधान परिषद में सत्तारूढ़ दल का उपनेता बनाया गया था। जुलाई 2024 से वह लगातार विधान परिषद के उपसभापति के रूप में कार्यरत हैं।
राय एक अनुभवी नेता होने के साथ-साथ शिक्षाविद् और साहित्य के अध्येता के रूप में भी जाने जाते हैं। वह पटना विश्वविद्यालय में हिंदी के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष रह चुके हैं।
भाषा
कैलाश पारुल
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